मेरठ/ बिजली विभाग और वन विभाग के अफसरों की नींद टूटे तो सीएम ग्रिड योजना का काम आगे बढ़े। सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के वेस्टर्न कचहरी रोड पर चल रहे कार्य में अभी बिजली के खंबे और पेड़ बाधा बने हुए हैं। नगर निगम प्रशासन इनको हटाने के लिए पत्र भेज चुका है, लेकिन इनको अभी हटाया नहीं जा सका है। जब तक यहां से बिजली के खंबे और पेड़ नहीं हटाए जाएंगे तब तक यहां का काम रूका रहेगा। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने जानकारी दी कि इस संबंध में काफी पहले पीवीवीएनएल और वन विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। वेस्टर्न कचहरी रोड पर कई स्थानों पर रोड पर ही पेड़ लगे हुए हैं। इनको हटाने का काम वन विभाग को करना है, लेकिन इसकी लंबी प्रक्रिया है। वन विभाग भी यह काम ठेकेदार के द्वारा करता है। लेकिन बताया गया है कि कई बार आपात्त स्थिति में ठेकेदार से फौरी तौर पर काम करा लिया जाता है। माना जा रहा है कि ऐसा ही कुछ वेस्टर्न कचहरी रोड के पेड़ों को हटाने के लिए किया जाएगा, क्योंकि पेड़ हटाने के लिए किसी प्रकार के टेंडर की जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर पीवीवीएनएल के अधिकारियों को जो खंबे व बिजली के तार हटवाने हैं वो कार्य उनका स्टाफ ही करता है। इसके लिए किसी टेंडर की जरूरत नहीं पड़ती है। पीवीवीएनएल में यह काम स्टोर का स्टॉफ करता है। हालांकि मदद के लिए इलाकेे के बिजलीघर का भी स्टाफ रहता है।
अंडर ग्राउंड होगा इलेक्ट्रिक सिस्टम
सीएम ग्रिड योजना के तहत जहां भी कार्य कराया जाता है वहां बिजली के खंबे अंडरग्राउंड होते हैं। इस इलाके के भाजपा पार्षद अजय चंद्रा ने जानकारी दी कि वेस्टर्न कचहरी रोड पर भी सारा इलेक्ट्रिक सिस्टम अंडरग्राउंड ही रहना है। इसके लिए जगह छोड़ दी गयी है। कार्यदायी संस्था इसके लिए रोड के भीतर पाइप डालेगी और उसमें इलेक्ट्रिफिकेशन का काम इंजीनियरों की देखरेख में किया जाएगा। लेकिन यह तभी होगा जब रोड से खंबे और पेड़ हटवा दिए जाएंगे।
९० फीसदी नाले का काम पूरा
वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रीड योजना के तहत बनाए जा रहे नालों का काम ९० फीसदी पूरा किया जा चुका है। निगम के चीफ प्रमोद सिसौदिया की मानें तो उम्मीद की जा रही है कि नाले का कार्य करीब एक माह में निपटा दिया जाएगा। नाले का काम निपटने के बाद सड़क का कार्य शुरू किया जाएगा। इस बीच यह भी जानकारी कार्यदायी संस्था के इंजीनियर ने दी है कि रोड का काम निपटने में एक साल से ज्यादा का अरसा लग जाएगा। अभी यह रोड कई बार खोदी जाएगी, क्योंकि जिस तरह के कार्य यहां अभी बाकि रह गए हैं, उसके लिए रोड को तोड़ा जाना मजबूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि नाले का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इनको केवल ज्वाइंट करना भर रह जाएगा।
बढ़ गयी है मरीजों की संख्या
वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत कराए जारे कामों के चलते मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गयी है। लगभग छह माह पहले यहां काम की शुरूआत करायी गयी थी। योजना की शुरूआत नाला निर्माण कार्य के लिए खुदाई के साथ हुई थी। केवल रोड साइड ही नहीं खोदी गयी थीं, बल्कि बीच में भी खुदाई करा दी गयी थी। उसकी वजह नाला निर्माण और डिवाइडर का कार्य एक साथ निपटाए जाने का प्रयास था, जब खुदाई शुरू हुई तो दिन भर धुल उड़ा करती थी, जब धुल उड़ेगी तो लाजमी है कि टीबी और दिल के मरीजों को इससे परेशानी होगी और हुई भी। नाम ना छापे जाने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि उनके परिवार में जो बीमार सदस्य हैं उन्हें यहां उड़ने वाली धूल की वजह से बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। इसलिए वो चाहते हैं कि यहां का काम जल्दी निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसको लेकर वो लोग महापौर से उनके कैंप कार्यालय पर भी मिलने गए थे, लेकिन कार्य की गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
निर्माण कार्य पर सवाल
वेस्टर्न कचहरी रोड पर चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संदीप पहल कई बार सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि नाला निर्माण समेत अन्य निर्माण के कामों में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, नालों को लेकर उन्होंने सबसे ज्यादा आपत्ति दर्ज की है। सीएम ग्रिेड योजना के तहत वेस्टर्न कचहरी रोड पर कराए जा रहे कामों को लेकर उन्होंने अधिकारियों समेत तमाम लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं।
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