मेरठ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों का प्रमोशन साल 2016 के बाद से (पिछले करीब 10 सालों से) मुख्य रूप से वरिष्ठता सूची के विवाद, कानूनी अड़चनाें, छात्र शिक्षक अनुपात की विसगतियों और टीईटी की अनिवार्यता को लेकर कुछ उलझाव के चलते प्रमोशन अटका हुआ था। इसके अतिरिक्त बीते कुछ समय से शिक्षक भर्तियों की काउंसलिंग और शिक्षकों के आपसी तवादलों के कारण भी प्रमोशन की प्रक्रिया को बार-बार रोकना पड़ा था। लेकिन अब इंतजार खत्म होने जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को 23 अक्टूबर 2026 तक सीनियरिटी लिस्ट फाइनल करके भेजने के निर्देश दिए हैं। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो नवंबर 2026 से शिक्षकों को प्रमोट करने और स्कूलों के आवंटन की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी
कानूनी और नीतिगत अड़चनें
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता, आरक्षण के नियमों और विभिन्न स्तरों पर योग्यताओं को लेकर बने भ्रम के कारण मामले कोर्ट में लंबित थे, जिससे विभाग चाहकर भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रहा था। जब भी विभाग ने प्रमोशन की तैयारी की, तो शिक्षकों द्वारा पहले परस्पर तबादले (Mutual Transfer) करने की मांग उठाई गई। पहले प्रमोशन होने से शिक्षकों के पेयर (जोड़े) टूट रहे थे, जिसके कारण प्रक्रिया को बीच में रोकना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस गतिरोध को खत्म कर दिया है। अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के करीब 70,000 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ करते हुए हरी झंडी दे दी है। इसी के चलते उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए प्रमोशन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 70 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि शासन ने शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से वरिष्ठता सूची, प्रशासनिक प्रक्रिया और अन्य कारणों से प्रमोशन की प्रक्रिया अटकी हुई थी। अब विभाग की ओर से इस प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इस फैसले से प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों को प्रधानाध्यापक या उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक बनने का मौका मिलेगा, जिससे उनके वेतन में भी बढ़ोतरी होगी।
करीब 10 साल से प्रमोशन का इंतजार
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन आने वाले बड़ी संख्या में शिक्षक कई वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई मामलों में शिक्षक लंबे समय से एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं। प्रमोशन की प्रक्रिया में देरी के कारण शिक्षकों को पदोन्नति के साथ मिलने वाले पद और वेतन संबंधी लाभ भी समय पर नहीं मिल सके। अब यदि विभागीय प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है। पदोन्नति के बाद संबंधित शिक्षकों को नियमानुसार उच्च पद और उससे जुड़े वेतन लाभ मिलने की संभावना होगी।
प्राथमिक शिक्षकों को किन पदों पर मिल सकता है प्रमोशन?
प्रमोशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत सहायक अध्यापकों को उनकी वरिष्ठता, पात्रता और लागू नियमों के अनुसार उच्च पद पर पदोन्नति दी जा सकती है। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों को जूनियर बेसिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक अथवा प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। इसी तरह जूनियर स्तर पर कार्यरत पात्र शिक्षकों को भी नियमों के अनुसार उच्च पद पर पदोन्नत किया जा सकता है।
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