सहारनपुर जा जाने का एलान किया था अतुल प्रधान और शादाब चौहान ने दोनों नेताओं के मकान पर भारी पुलिस फोर्स
मेरठ। सहारनपुर में 110 साल पुरानी बतायी जा रही मस्जिद को बुलडोज किए जाने पर बवाल शुरू हो गया है। विपक्ष के तमाम नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुसलमानों के बीच भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी सहारनपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर नजर रखी जा रही है। वहां पुलिस के पहरे के आरोप कांग्रेसी नेताओं ने लगाए हैं। सहारनपुर कूच कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने आज सुबह जमकर हंगामा किया। भारी पुलिस फोर्स लगाकर उन्हें डिटेन कर लिया गया। आज सुबह से सुबह उनके घर पर सीओ समेत 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। अतुल प्रधान को डिटेन किए जाने की सूचना पर उनके सैकड़ों समर्थक व सपा के कार्यकर्ता आवास पर पहुंच गए। सपा विधायक ने कहा कि योगी सरकार की पुलिस उनके साथ अपराधियों सरीखा सलूक कर रही है। “ये कैसा लोकतंत्र है, जहां हम अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज नहीं उठा सकते। अन्याय का विरोध करते हैं तो हमारे घरों में पुलिस लगा दी जाती है। ऐसा लग रहा है जैसे हम अपराधी हों। हमें आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। इस सरकार में पूरी तरह लोकतंत्र का हनन हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनका कार्यक्रम एक प्रतिनिधि मंडल के साथ सहारनपुर जाने का था। कांग्रेस के तमाम नेताओं ने सहारनपुर की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
आती जाती रहती हैं सरकारें
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव चौधरी यशपाल सिंह ने डीएम सहारनपुर की द्वारा की गई कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सजाए मौत जिसको दी जाती है उसको भी बचाव का एक मौका दिया जाता है, फिर सहारनपुर की जिस मस्जिद को बुलडोजन किया गया है वह तो इबादतगाह थी। उसकी देखरेख करने वालों काे भी बचाव का मौका दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अफसर यह ना भूले कि हमेशा एक ही दल की सत्ता रहती है। सत्ता आती जाती रहती है, अफसरों को केवल संविधान के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। सरकारें तो आती जाती रहती हैं।
शादाब चौहान को नहीं निकले दिया
सहारनपुर में मस्जिद तोड़फोड़ के मामले में प्रदर्शन के लिए जा रहे एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान को उनके घरों पर पुलिस ने डिटेन किया है। शादाब चौहान ने बताया कि सुबह से ही उनके घर को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया। घर से निकलने नहीं दियाद्ध शादाब चौहान ने इसे इंसानी हकों का हनन बताया। उन्होंने कहा- सहारनपुर में मस्जिद गिराई गई है। हम उसकी जांच करना चाहते हैं तो हमें रोका क्यों जा रहा है। इस देश में हमेशा मस्जिदों को ही निशाना क्यों बनाया जाता है? वहां बुलडोजर चलते हैं। क्या लोकतंत्र में किसी को अपनी बात कहने का भी हक नहीं रहा।
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