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टीवी एंकर सारा को सजा ए मौत

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ड्रग्स के कारोबार का आरोप है टीवी एंकर सारा पर, मिश्र की अदालत ने सुनायी है सजाए मौत, जल्द ही लटका दी जाएगी फांसी के फंदे पर

नई दिल्ली। मिश्र की एक टीवी एंकर को फांसी के फंसे पर लटकाया जाएगा। उसको अदालत के लिए अदालत ने सजा ए मौत का एलान किया है। जो टीवी एंकर फांसी के फंदे पर लटकायी जाएगी उसका नाम सारा ख़लीफ़ा अपने टीवी कार्यक्रम ‘मिशन इम्पॉसिबल’ के लिए जानी जाती हैं। सारा पर ड्रग्स को लेकर गंभीर आरोप हैं। इस मामले में अदालत को बताया गया है कि 750 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ और उन्हें बनाने के लिए विदेश से मंगाया गया कच्चा माल जब्त किया था। बीस गवाहों ने अभियोजन पक्ष के सामने बयान दिए। सबूत के तौर पर अदालत में इलैक्ट्रानिक्स डिवाइस और बातचीत के ऑडियो व कुछ वीडियो क्लिप भी पेश की गयीं। लंबी सुनवाई के बाद अदालत में इस टीवी एंकर को फांसी के फंदे पर लटकाने की हुकूम सुनाया है।

टीवी एंकर बोली पहले कभी नहीं देखी ड्रग्स

पिछले साल सितंबर में अदालत में पेशी के दौरान जज ने जब सारा ख़लीफ़ा से मामले में उनकी कथित भूमिका के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ड्रग्स को पहले कभी नहीं देखा था। उनका कहना था कि उन्होंने पहली बार ड्रग्स तब देखे, जब नशीले पदार्थ विरोधी एजेंसी के दफ़्तर में उनके साथ उनकी तस्वीर खींची गई। एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, उस साल 492 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी, जिनमें से 23 लोगों को फांसी दी गई। इन अभियुक्तों को ड्रग्स की तस्करी और बलात्कार का दोषी पाया गया। हालांकि इन अपराधों को ‘जानबूझकर हत्या’ की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता। अंतरराष्ट्रीय कानून और मानकों के तहत मौत की सज़ा का इस्तेमाल सिर्फ ‘जानबूझकर हत्या’ जैसे अपराधों में यूज किया जाना चाहिए।

मौत की सजा पर ली गयी पहले राय

इस मामले में अदालत ने टीवरी एंकर को मौत की सजा का फैसला सुनाने से पहले मिस्र के ग्रैंड मुफ़्ती से राय भी मांगी थी। हालांकि, ग्रैंड मुफ़्ती की राय अदालत के लिए बाध्यकारी नहीं होती। इसका मतलब है कि अदालत का मौजूदा फैसला मौत की सज़ा है, लेकिन अभी इसे अंतिम तौर पर लागू किया जाना बाकी है. अपील की प्रक्रिया के बाद सज़ा बरकरार रह सकती है, बदली जा सकती है या मामले में दोबारा सुनवाई का रास्ता खुल सकता है। मिश्र में जिसको मौत की सजा दी जाती है उसको बाद में आमतौर पर राहत नहीं मिलती है। यानि मौत की सजा के बाद मौत तय है।
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