नई दिल्ली/लखनऊ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव का दावा है कि उनकी समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात से मेरठ में एसएसपी रहे अविनाश पांडे बेहद सख्त नाराज थे। उनका दावा है कि एसएसपी ने उन्हें कॉल किया था और कहा था कि मिलने आइए। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि अविनाश पांडे ने उन्हें कोहनियों से मारा और जब वह गिर पड़े तो उनकी आंख पर लात मारी जिससे आंख फूट गयी। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को दोनों लखनऊ पहुंचे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की।
लखनऊ में मीडिया के सामने किया पेश
अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता के दौरान दोनों पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया। दोनों ने मेरठ एसएसपी कार्यालय में अपने साथ हुई कथित मारपीट और प्रताड़ना का पूरा घटनाक्रम बताया।दिग्विजय ने आंख में लात मारने से चोट लगने का आरोप लगाया। वहीं, मोहित ने कपड़े उतारकर पीटने और एनकाउंटर की धमकी देने का दावा किया। दोनों ने एसएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सपा सुप्रीमो ने सवाल उठाया कि पुलिस कप्तान ने इनके साथ कैसा व्यवहार किया, यह गंभीर सवाल है। आखिर पुलिस कप्तान की हिम्मत कौन बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के माफिया आकर प्रदेश में गोली चला रहे हैं। दूसरे प्रदेश का माफिया आकर 18 गोलियां चला रहा है। उसके नाम को भी देखना चाहिए।
ये बोले दिग्विजय भाटी
दिग्विजय भाटी ने बताया कि 19 अगस्त को मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने उन्हें फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। मोहित जाटव से भी उनकी फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि मिलने आ जाइए। मुलाकात के दौरान उन्होंने पूछा कि जाटव हो तुम? मुझसे कहा कि तू गुर्जर है। इसके बाद कहा कि तुम तो साले बदमाश हो, तुम तो साले चोरी करते हो। उन्होंने हर बात में ‘साले’ शब्द का इस्तेमाल किया। दिग्विजय ने कहा कि हमने हाथ जोड़कर उनसे कहा कि सर हमारा अपमान मत करिए। इस पर उन्होंने कहा कि आज तुम्हें नेता बनाता हूं। इसके बाद पकड़कर अंदर अपने पर्सनल केबिन में ले गए। वहां हमें फोन, हाथ और कोहनियों से बुरी तरह पीटा गया। जैसे ही मैंने पैर पकड़ने की कोशिश की, उन्होंने मेरी आंख में जोर से लात मार दी। इससे मेरी आंख फूट गई। उन्होंने कहा कि तुम्हें नेता बनाऊंगा। तुम अखिलेश जी से मिलकर आए हो न लखनऊ में। मोहित को भी पीटा गया। मेरी आंख से लगातार खून बह रहा था।
उल्टा लटका कर डंडों से पीटा
दिग्विजय भाटी ने बताया कि हमारे पैर रस्सी से बांधकर हमें उल्टा लटकाया गया और डंडों से पीटा गया। हमने पीने के लिए पानी मांगा तो बोतल के ढक्कन में पानी लेकर हमारे मुंह पर फेंक दिया गया। हमारा अब तक मेडिकल भी नहीं कराया गया है। हम दोनों उसी दिन से बहुत परेशान होकर घूम रहे हैं। दिग्विजय ने कहा कि हमें केवल इसलिए पीटा गया क्योंकि हम दलित और गुर्जर हैं। हम पीडीए से आते हैं, इसलिए वे हमसे चिढ़ते हैं। केवल अतुल प्रधान और अखिलेश यादव भैया ने हमारा साथ दिया है। हम चाहते हैं कि कप्तान और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। मोहित जाटव ने कहा कि अखिलेश भइया से मिलने के बाद उन्होंने बाहर आकर मीडिया को बाइट दी थी। इसके बाद अविनाश पांडेय ने कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी करते हुए कहा कि तुम तो चमार हो, बाइट दी है। तुझे चमारों में नेता बनाऊंगा। इसके बाद दोनों के कपड़े उतारकर उन्हें बहुत पीटा गया।
एनकाउंटर की धमकी
मोहित के मुताबिक, दोनों के मुंह पर कपड़ा डालकर गाड़ी में बैठाया गया और एसओजी कार्यालय ले जाया गया। वहां भी उन्हें बहुत ज्यादा पीटा गया। देर रात किसी तरह विधायक अतुल प्रधान वहां पहुंचे और काफी मान-मनौव्वल के बाद दोनों को अपने साथ ले गए। मोहित ने कहा कि अतुल प्रधान के वहां पहुंचने से उनकी जान बची। उनका आरोप है कि उन्हें थाने में बैठाकर एनकाउंटर करने की तैयारी थी। पुलिसकर्मियों की ओर से उन्हें एनकाउंटर करने की धमकी भी दी गई थी।
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