Home मेरठ नहीं पहुंच सके दलित महापंचायत में पहले ही कर लिया हाउस अरेस्ट
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नहीं पहुंच सके दलित महापंचायत में पहले ही कर लिया हाउस अरेस्ट

नहीं पहुंच सके दलित महापंचायत में पहले ही कर लिया हाउस अरेस्ट

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नहीं पहुंच सके दलित महापंचायत में पहले ही कर लिया हाउस अरेस्ट
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दलित महापंचायत के चलते पुलिस ने पूरी रात दी नेताओं के घर में दबिशें, कई नेताओं को कर लिया गया हाउस अरेस्ट

मेरठ। जिस प्रकार की आशंका जतायी जा रही थी ठीक वैसा ही हुआ। पुलिस प्रशासन के आला अफसरों की रणनीति काम कर गयी और दलित महापंचायत में जिस भीड़ की उम्मीद की जा रही थी, वही नहीं जुटने दी गयी। दलित महापंचायत में शामिल होने का एलान करने वाले तमाम नेताओं को पुलिस ने तड़के हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्हें घरों से निकलने ही नहीं दिया गया। उनके घर के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गयी। वहीं दूसरी ओर पुलिस की हाउस अरेस्ट कार्रवाई की वजह से उन इलाकों में हड़कंप मचा रहा जहां पुलिस वाले हाउस अरेस्ट की कार्रवाई को पहुंचे थे। दलित महापंचायत को फेल करने के लिए सबसे बड़ी कामयाबी मृतक के परिजनों के वीडियो से मिली। दलित महापंचायत से पहले मृतका के पिता वेदप्रकाश का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वेदप्रकाश ने कहा है कि उनकी बेटी की हत्या को लेकर राजनीति की जा रही है और प्रस्तावित महापंचायत से उनका कोई लेना-देना नहीं है।वेदप्रकाश ने वीडियो के माध्यम से स्पष्ट किया कि ललिता गौतम की हत्या उनके परिवार के लिए एक गंभीर घटना है, लेकिन उनकी बेटी के नाम पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने महापंचायत के संबंध में अपनी किसी भी प्रकार की सहमति या सहभागिता से इनकार किया। लेकिन युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम परिजनों के साथ आठ जुलाई को कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर धरना दे रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने आंदोलनकारियों के साथ मारपीट की। राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिरासत में लेकर एसएसपी ने थप्पड़ मारे थे। घटना का वीडियो सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने रवि गौतम समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। जमानत पर बाहर आने के बाद से रवि गौतम ने तत्कालीन एसएसपी और एसपी देहात अभिजीत कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चौधरी चरण सिंह पार्क में 19 अगस्त से धरना दे रहे हैं। पंचायत करने वाले रविगौतम ने कहा- ये धरना अनिश्चतकालीन चलेगा, पहले हमारे लोग यहां आ जाएं तो हम अपना मांगपत्र देंगे। जब तक इन दोनों आईपीएस अफसरों पर एक्शन नहीं हो जाता तब तक हमारा धरना चलता रहेगा। हमारे लोगों पर लगाए मुकदमे वापस नहीं होंगे हमारा धरना चलता रहेगा। रवि गौतम ने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे, पुलिस अधीक्षक (देहात) सौम्या अस्थाना और सौरभ शुक्ला के खिलाफ तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही जेल भेजे गए 8 लोगों, प्राथमिकी में नामजद 14 लोगों तथा नोटिस पाने वाले कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामले रद्द करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को अनशन व भूख हड़ताल में बदलकर अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। महापंचायत में शामिल होने आ रहे कार्यकर्ताओं को सीमाओं और चुंगी (टोल) पर रोके जाने तथा हिरासत में लिए जाने पर भी कड़ा विरोध जताया गया।

अलर्ट पर आला अफसर

दलित महापंचायत को फ्लॉप शो बनाने की अफसर पहले ही ठाने बैठे थे। तमाम आला अफसर अलर्ट मोड पर थे। बताया जाता है कि इसके लिए लखनऊ से सख्त आदेश थे। देर रात ही जिले की सभी सीमाओं पर पुलिस टीमें लगी हैं। पुलिस टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। सभी सीओ को रात से ही फील्ड में उतार दिया गया है। ताकि बाहरी लोग आकर जिले का माहौल न बिगाड़ें। साथ ही कमिश्नरी पार्क के आसपास भी इंटेलीजेंस, एलआईयू, पुलिस की टीमें लगी हैं। ताकि महापंचायत के नाम पर जिले का माहौल न बिगड़े और राजनीति न होने पाए।

डटे रहे एडीएम सिट व एसपी सिटी

दलित महापंचायत के चलते एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह और एसपी सिटी विनायक भोलसे आरएएफ को लेकर डटे रहे। करीब पांच सौ जवान वहां तैनात किए गए साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा था कि टकराव ना होने पाए। आला अफसरों की ओर से किसी भी टकराव की स्थिति पैदा ना होने देने की हिदायत दी गयी थी। पंचायत में भीड़ को आने से रोकने के लिए पुलिस ने ट्रिपल लेयर सुरक्षा घेरा बनाया है। इसके बावजूद कुछ युवकों ने कमिश्नरी चौराहे पर पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। दरोगा विशाल पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं एक ट्रैक्टर अचानक डीएम आवास के सामने से अंदर आ गया। इसे देखकर एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले काफी नाराज हुए हैं।
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