जनरल झाओ जोंगकी को हटाना इसी जारी सफाई अभियान (Current Wave of Purges) की अगली कड़ी है, न कि 9 साल पुराना कोई विशेष एजेंडा।
नई दिल्ली। भारत को धोखा देना और पीठ में छुरा भोंकना चीनियों के खून में शुमार है। 1962 ही नहीं तमाम ऐसी घटनाएं मौजूद हैं जिनमें चीन ने भारत को धोखा दिया है। गलवान हमले का आदेश देने वाला चीनी जनरल बर्खास्त, जिनपिंग की कार्रवाई को लेकर भी इसी वजह से शक पैदा हो रहा है क्योंकि भारत को लेकर चीनियों का कोई भी काम बगैर किसी निहितार्थ के नहीं होता। और गलवान की घटना को 9 साल हो चुके हैं। 9 साल बाद चीनी राष्ट्रपति को एकाएक क्या गलवान घटना का आदेश देने वाले फौजी जनरल पर कार्रवाई की याद आयी। 9 साल तक क्यो शी जिनपिंग बेखबर थे। चीन द्वारा पूर्व पश्चिमी थिएटर कमांडर जनरल झाओ जोंगकी को हटाने का सीधा संबंध गलवान संघर्ष से नहीं, बल्कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और सेना में बड़े पैमाने पर चल रहे फेरबदल से माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इस घटनाक्रम को लेकर इंडियन मीडिया की बात करें तो इंडियन मीडिया ने साबित कर दिया है तो वो केवल गोदी ही नहीं मुर्ख भी हैं, बगैर तय तक जाए आनन-फानन में खबर चला दी।
‘भारत को सबक सिखाने’ के लिए गलवान ऑपरेशन को मंजूरी
चीन ने जनरल झाओ जोंगकी को देश की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था से हटा दिया है। झाओ ने 2017 के डोकलाम गतिरोध और 2020 में भारत के साथ गलवान घाटी झड़प के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वेस्टर्न थिएटर कमांड की कमान संभाली थी। बाद में यह खबर आई थी कि झाओ ने ‘भारत को सबक सिखाने’ के लिए गलवान ऑपरेशन को मंजूरी दी थी। आपको बता दें कि PLA का वेस्टर्न कमांड ही तिब्बत और शिनजियांग में और भारत के साथ चीन की सीमा के बड़े हिस्से पर चीनी सैन्य अभियानों को नियंत्रित करता है। इसके अलावा झाओ की ‘चाइनीज पीपल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस’ (CPPCC) की सदस्यता भी छीन ली गई और उन्हें दो अन्य पदों से भी हटा दिया गया। हालांकि बीजिंग ने न तो झाओ को हटाने की वजह बताई और न ही उनके खिलाफ किसी जांच का ऐलान किया है। झाओ को हटाए जाने के बाद ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि वह PLA में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लंबे समय से चल रहे बड़े पैमाने पर सफाए की चपेट में आने वाले सबसे नए सीनियर मिलिट्री अधिकारी हैं।
कार्रवाई या सम्मानजक पद
चीन की परंपरा के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद ऐसे वरिष्ठ जनरलों को ‘चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस’ (CPPCC) जैसी शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्थाओं में सम्मानजनक जगह दी जाती है। झाओ भी वहां सदस्य और एक समिति के उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रहे थे। चीन में किसी भी शीर्ष कमांडर पर सीधे कार्रवाई नहीं होती। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की ‘अनुशासन निरीक्षण आयोग’ (CDI) पहले अधिकारियों की फाइलें तैयार करती है।
गलवान नहीं यह है हटाने की वजह
झाओ जोंगकी के कार्यकाल के दौरान सैन्य खरीद, हथियारों के आधुनिकीकरण या फंड के आवंटन में वित्तीय गड़बड़ी (भ्रष्टाचार) की जांच में लंबा समय लगा। यदि कोई सोचता है कि गलवान घटना के लिए जनरल को हटा गया है तो वह गलती पर हैं। अगस्त 2026 में जब जांच के पुख्ता सबूत मिले, तब उन्हें पार्टी और सरकार के इस शीर्ष राजनीतिक पद से निष्कासित किया गया। शी जिनपिंग ने साल 2023 के मध्य से चीनी सेना (PLA) के भीतर अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान शुरू किया है। हाल ही में, जनवरी 2026 से शुरू हुई जांच के बाद अगस्त 2026 में चीन के सबसे शक्तिशाली जनरल झांग यूक्सिया (Zhang Youxia) और संयुक्त स्टाफ प्रमुख लियू झेनली (Liu Zhenli) को भी केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) से हटा दिया गया है। जनरल झाओ जोंगकी को हटाना इसी जारी सफाई अभियान (Current Wave of Purges) की अगली कड़ी है, न कि 9 साल पुराना कोई विशेष एजेंडा।
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