नई दिल्ली / अलवर। भारत-चीन सीमा (LAC) पर जारी वास्तविक स्थिति को लेकर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर के हालिया बयान ने देश की सियासत और मीडिया में हलचल पैदा कर दी है। यह भाषण खुद को मेनस्ट्रीम मीडिया बताने वालों जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में गोदी मीडिया कहा जाता है ने गायब कर दिया है। सवाल पूछा जा रहा है कि ऐसा क्या कह दिया है जिसको छिपाया जा रहा है। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने स्वीकार किया है कि अरुणाचल प्रदेश में LAC पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना (Face-off) हुआ है और यह गतिरोध अभी भी बना हुआ है। अलवर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि नव-गठित ‘शौर्य कमांडो’ टीमों ने चीनी सैनिकों को कड़ा जवाब दिया है। साथ ही, उन्होंने आधुनिक चीनी सेना के मुकाबले के लिए ड्रोन तकनीक और नई रणनीतियों पर जोर दिया।
विपक्ष बोला सच्चाई आए सामने
भाषण के वीडियो के सोशल मीडिया से हटने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए मांग की है कि भाषणा की सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खडगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने सरकार पर सीमा के हालात छिपाने और चुप्पी साधने का आरोप लगाया।सरकार की सफाई
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि गश्त के नियमों से भटकने पर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है और इसे कूटनीतिक स्तर पर सुलझाया जा रहा है। सुरक्षा सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह बयान किसी बड़ी झड़प का नहीं बल्कि नियमित तैयारियों और तनातनी का हिस्सा था। 22 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के अलवर में आईटीबीपी (ITBP) के जवानों और कमांडो को संबोधित करते हुए महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह ने जो प्रमुख बातें हूबहू (शब्दशः एवं मुख्य अंशों में) कही थीं, वे इस प्रकार हैं“पिछले कुछ दिनों में एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई जहां अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर (चीनी सेना के साथ) आमना-सामना (Face-off) हुआ, और यह स्थिति अभी भी जारी है।” “हमारी नव-गठित ‘शौर्य कमांडो’ की टुकड़ियों ने चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ जारी इस आमने-सामने के गतिरोध के दौरान कई स्थानों पर अपनी उत्कृष्ट क्षमताओं और कौशल का परिचय दिया है।” चीनी सैन्य आधुनिकीकरण और परंपरागत युद्ध की चुनौती “परंपरागत सैन्य तरीकों का उपयोग करके आज के समय में चीन का मुकाबला करना भारत के लिए कठिन (Tough) होगा। चीन ने अपनी सेना (PLA) के आधुनिकीकरण पर बहुत भारी निवेश किया है और वह इन क्षेत्रों में हमसे काफी आगे निकल गया है।” “चीन हमारा एक बेहद शक्तिशाली पड़ोसी है और भारत के लिए यह फ्रंट (सीमा) सबसे कठिन सीमाओं में से एक है।” “भले ही पारंपरिक रूप से चीनी सेना आगे हो, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान के उदाहरणों ने यह दिखाया है कि आधुनिक तकनीक और ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) एक ऐसा अवसर देते हैं जहां छोटी या कम मजबूत सेनाएं भी अपने से कहीं अधिक शक्तिशाली विरोधी को चुनौती दे सकती हैं।” “इसीलिए आईटीबीपी अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर अपनी सीमा बटालियनों में समर्पित ड्रोन प्लेटून (Drone Platoons) और एंटी-ड्रोन सिस्टम को शामिल कर रही है और जवानों को गलवान जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक और विशेष प्रशिक्षण दे रही है।”
Leave a comment