नई दिल्ली। इजरायल की राजधानी तेलअबीब और उसके आसपास जहां-जहां ईरानी मिसाइलें पहुंची हैं वहां भारी तबाही और बर्बादी दिखाई दे रही है। इजरायल इस भारी हमले से बौखलाया हुआ है। उसने गाजा में और ज्यादा सख्ती से अभियान चलाए जाने की बात की है। याद रहे कि ईरान ने गाजा में इजरायली फौजी अभियान पर प्रबल विरोध किया है। ईरान ने अपनी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के माध्यम से इज़राइल के कई सैन्य ठिकानों और शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए हैं। हमलों में बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे तेल अवीव सहित कई इलाकों में इमारतों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका इस हमले से ईरान से जबरदस्त नाराज है। तेलअबीब पर किए गए भयंकर हमले के बाद अब मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद करीब-करीब खत्म होती दिखाई दे रही हैं। ईरान व अमेरिका के बीच शांति वार्ता भी टूटती नजर आ रही है।
ईरानी मिसाइलों के हमले में आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया है। इजरायल के सुरक्षा इंतजमाें की इस ताजा हमले ने पोल खोलकर रख दी है। ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने इज़राइल के तेल अवीव, वेस्ट बैंक और सेंट्रल इज़राइल के कई हिस्सों में रिहायशी और सैन्य ठिकानों में भारी तबाही मचायी है। ईरान मिसाइलों ने इज़राइल के तेल अवीव, वेस्ट बैंक और सेंट्रल इज़राइल के कई हिस्सों में रिहायशी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
जिस सुरक्षा कवच पर इजरायल और अमेरिका तथा इजरायल को अपना बाप मानने वाले नाज किया करते थे वो सुरक्षा कब्ज ईरानी मिसाइलों ने भेद डाला। उसको नेस्तनाबूत कर दिया। ईरान की ‘फतेह-2’ जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों ने इज़राइल के एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे ‘आयरन डोम’ और ‘एरो-3’) को ना केवल भेदा है बल्कि हर तरफ तबाही का मंजर बना दिया। माना जा रहा है कि इसी के बाद अमेरिका भी खुलकर सामने आया है और उसने होर्मुज व बंदरअब्बास सहित ईरान के कई सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर जोरदार हमले किए।
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