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दिल्ली एनसीआर में थमे ट्रकों के पहिए

दिल्ली एनसीआर में थमे ट्रकों के पहिए

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दिल्ली एनसीआर में थमे ट्रकों के पहिए
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मेरठ। बीएस=फॉर वाहनों पर रोक के फरमान के खिलाफ दिल्ली एनसीआर के ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके चलते मेरठ समेत पूरे एनसीआर में ट्रकों के पहिए थम गए हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। सरकारी फरमान के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने तीन दिन के चक्का जाम का एलान किया है। चक्का जाम का आज पहला दिन था। हड़ताल और चक्का जाम में शामिल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन का दावा है कि इस हड़ताल में मेरठ और आसपास के जिलों के ट्रांसपोटर्स के करीब 14हजार ट्रकों को उनकी जगहों पर ही रोक दिया है। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष व ट्रांसपोटरों के बड़े नेता गौरव शर्मा ने बताया कि सरकार की नीतियां कारोबार को खत्म करने वाली हैं। उनका संगठन इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेाग। दिल्ली एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर्स कांग्रेस AIMTC समेत 68 ट्रांसपोर्ट यूनियनों का तीन दिनाीं हड़ताल को समर्थन है। इस हड़ताल के तहत हजारों ट्रकों और कमर्शियल वाहनों के पहिए पूरी तरह थमे रहेंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है

चक्का जाम के एलान के बाद ज्यादातर ट्रक बॉडर एरिया पर खड़े कर दिए गए हैं। हड़ताली ट्रांसपोर्टरों की सरकार से मांग है कि जब तक सरकार ईसीसी शुल्क और बीएस-4 के नियम पर नरमी नहीं दिखाएगी ये हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल ये 3 दिन की हड़ताल है, लेकिन इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। ट्रकों को रास्तों में ही खड़ा रखा जाएगा। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े संगठनों का दावा है कि इससे शहर के व्यापार को रोजाना करीब 24 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर की जा रही इस हड़ताल को मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन समेत कई संगठनों का समर्थन मिला है। बुधवार शाम से ही ट्रांसपोर्टरों ने वाहनों का संचालन रोकना शुरू कर दिया था। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की प्रमुख मांगों में दिल्ली एनसीआर में लगाए जा रहे ईसीसी शुल्क और बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध जैसे मुद्दे शामिल हैं। संगठन महामंत्री दीपक गांधी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यापारियों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

औद्योगिक क्षेत्रों मे चिंता

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुराग अग्रवाल ने बताया कि ट्रकों की हड़ताल से इंडस्ट्रीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तैयार माल की डिलवीरी रूक गई है। माल तैयार करने के लिए कच्चे माल की परेशानी हो गयी है। उन्होंने बताया कि हड़ताल को लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में भी चिंता बढ़ गई है। ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने बताया कि क्षेत्र में 120 से अधिक उद्योग संचालित हैं और कच्चे माल व तैयार माल की आपूर्ति रुकने से कारोबार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी उद्योगों ने आपूर्ति जारी रखी थी, लेकिन ट्रांसपोर्ट बंदी से स्थिति गंभीर हो सकती है। ट्रांसपोर्ट व्यापारियों के अनुसार एनसीआर में करीब 17 लाख ट्रकों के पहिए थम गए हैं, जिसका सबसे अधिक असर पश्चिम उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से मेरठ पर देखने को मिल सकता है। इस हड़ताल के तहत हजारों ट्रकों और कमर्शियल वाहनों के पहिए पूरी तरह थमे रहेंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

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