मेरठ। आवास विकास के सैटबैक नोटिसों के विरोध में चिलचिलाती हुई धूप में शास्त्रीनगर सैक्टर दो में धरने पर बैठी महिलाओं को सिस्टम चलाने वाले अफसरों से आसमान से आग बरसाती धूप से बचने के लिए एक अदत टैंट की दरकार है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं का कहना है कि उनकी लड़ाई सभी की साझा लड़ाई है। इसलिए सभी को इस लड़ाई में शामिल होना चाहिए। यदि किसी एक का टूटा तो यह तय मान लीजिए सभी 815 जिन-जिन को नोटिस दिए गए हैं टूटेंगे। बचेगा किसी भी भी मकान या दुकान नहीं। इसलिए इस जंग में साथ आने की अपील आज उन्होंने सभी से की। उन सभी जो दुकानें खोलकर बैठे हैं। महिलाओं का कहना है कि एक रहेंगे तो बचे रहेंगे अन्यथा बचने की कोई सूरत नहींं।
शास्त्री गर में सेक्टर 2 और 4 की महिलाओं द्वारा दो जगह सेटबैक के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसमें बीते दिन सेक्टर 2 के धरने पर लगे टेंट को सीको सिविल लाइन शुचिता सिंह द्वारा हटवा दिया गया था। जो टैंट हटवाया गया है उस मामले को लेकर महिलाएं बीते सोमवार को राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से भी मिली थीं। इस बीच सूत्रों ने जानकारी दी है कि अफसर जिन्होंने टैंट हटवाया था वो टैंट लगाने की अनुमति के लिए राजी हो गए हैं। दरअसल हुआ यह था कि जहां धरना चल रहा है वहां के एक व्यापारी ने ही शिकायत की थी जिसके बाद सीओ सिविल लाइन ने टैंट हटवा दिया। जिस व्यक्ति ने शिकायत की है उसकी पहलचान कर ली गयी है। पहले जहां महिलाएं टेंट लगा कर बैठी थी तो इस बार सड़क किनारे वह कुर्सियां बिछाकर बैठे हैं। उनका कहना है कि सड़क पर हम नहीं आएंगे, क्योंकि फिर आवागमन बाधित होने की शिकायत आती है। इसलिए अब हम यहां बैठेंगे और हमारा धरना निरंतर जारी रहेगा। धरने पर बैठी महिलाओं को कहना है कि जब पुलिस द्वारा यह बात बताई गई थी कि बाजार के ही कुछ लोगों ने शिकायत की है कि धरने से परेशानी हो रही है तो उसके बाद हमने गुस्से में यह बात कह दी थी कि हम यहां से धरना खत्म कर रहे हैं। क्योंकि हम अपने घर व्यापार की लड़ाई लड़ रहे हैं इसलिए यह फिर भी जारी रहेगी। महिलाओं ने फिर दोहराया कि सभी को साथ आना हाेगा। यह किसी एक घर या दुकान की नहीं पूरे शास्त्रीनगर की लड़ाई है। एक बचेगा तभी सभी बचेंगे।
सेक्टर 4 में भी बैठी है महिलाएं
महिलाओं का एक अच्छा सेक्टर चार में भी सेटबैक के विरोध में धरने पर बैठा है वह भी अपनी इसी मांग के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं लगभग 15 दिन उनके धरने को भी हो गए हैं लेकिन अभी तक उन्होंने भी अपना धरना बंद नहीं किया है दोनों जगह बैठी महिलाओं को कहना है कि जब तक उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिलता तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
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