नई दिल्ली। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच 21 घंटे तक चली मैराथन वार्ता किसी समझौते के बिना बेनतीजा खत्म हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे ईरान की अड़ियल नीति बताया, जबकि ईरान ने अमेरिका पर “दबाव की नीति” अपनाने का आरोप लगाया है। इस विफलता से पश्चिम एशिया में तनाव और गहराने की आशंका है।
पहले से जिसकी आशंका और डर था वो ही हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता बेनतीजा खत्म हो गयी। अमेरिका की कड़ी शर्तों ईरान को मंजूद नहीं थीं, जिन शर्तों पर ईरान बातचीत चाहता था उन पर अमेरिका तैयार नहीं था। करीब 21 घंटे लंबी चली बातचीत के बाद दोनों पक्ष खाली हाथ वार्ता की टेबल से उठ गए। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ चल रही बातचीत बेनतीजा खत्म होने की जानकारी मीडिया को दी। वहीं ईरान के सरकारी ने भी अमेरिका से बातचीत बेनतीजा खत्म होने की जानकारी दी।
डोनाल्ड लगातार लाइन पर थे
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ता के दौरान अमेरिका के मुख्य वार्ताकार जेडी वेंस के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार संपर्क बनाए हुए थे। मीडिया से बातचीत के दौरान वैंस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए थे, हालांकि वह यह नहीं बता सकते कि कितनी बार ट्रंप से बातचीत हुई। यह अनगिनता था। शायद दर्जन भर से भी ज्यादा। हालांकि वेंस ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि किन मुद्दों पर यह बातचीत टूटी है।
ईरान बोला नहीं स्वीकार अमेरिका की बातें
बातचीत बेनतीजा टूटने की जानकारी देते हुए ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इस बात का खुलासा किया जाना संभव नहीं कि कितन बातों पर बातचीत टूटी है, लेकिन जो शर्ते अमेरिका के वार्ताकार लेकर इस्लामाबाद पहुंचे थे वो ईरान को मंजूर नहीं थीं, उन शर्तो पर किसी भी कीमत पर बातचीत आगे बढ़ना संभव नहीं थी। इससे पहले ईरानी वार्ताकार जब इस्लामाबाद पहुंचे थे तो उन्होंने साफ कहा था कि वह अविश्वास के साथ यहां आए हैं। ईरान से साफ किया है कि अभी स्ट्रेट हार्मूज नहीं खुलने जा रहा है। उसकी मर्जी के बगैर यदि कोई जहाज वहां से गुजरता है तो मिसाइल मारकर डूबो दिया जाएगा।
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