भाजपाइयों ने माना सांसद व महापौर सरीखे नेताओं ने व्यापारियों ने बना ली थी दूरी
मेरठ/भाजपा के सांसद, महापौर व विधायक और संगठन के उन नेताओं जिन्होंने पीएम व सीएम के मेरठ दौरे से एक दिन पहले बेमियादी बंद सेंट्रल मार्केट पहुंचकर व्यापारियों की दुकानें खुलवा दीं थी, उन्होंने बाद में उन व्यापारियों से ही दूरी बना ली जिसका नतीजा व्यापारियों में उन तमाम भाजपा नेताओं के प्रति गहरी नाराजगी है। इस बात को वो भाजपा नेता बेहिचक स्वीकार रहे हैं जो सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के बीच पहुंचकर डेमेज कंट्रोल में लगे रहे। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सांसद या महापौर समेत दूसरे नेता जाते भी तो किस मुंह से जाते। हालात यह हो गयी कि सांसद, महापौर, विधायक व दूसरे नेताओं के पास सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को देने के लिए आश्वासन तक नहीं था। इसके अलावा सबसे बुरी बात यह रही कि जिन्होंने दुकानें खुलवायी और आश्वासन दिया, उन्हें सरकार में जो पैरवी करनी चाहिए थी वो नहीं की। सरकार की यदि बात करें तो सीएम के दरबार में केवल सेंट्रल मार्केट का मुद्दा भर नहीं है। ऐसे दूसरे हजारों मुद्दे वहां पर हैं। जो लगातार पैरवी में लगे रहते हैं उनको सरकार के दरबार से राहत भरी खबर मिल जाती है, लेकिन जब वाद कर पैरवी करना भूल जाते हैं तो फिर सेंट्रल मार्केट सरीखी आपदा होती है। इसलिए कहा जा रहा है कि जिन्होंने दुकानों के शटर खुलवाए और मिठाइयां बांटकर आतिशबाजी भी करायी वो सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के बीच यदि जाते भी तो किस मुंह से जाते। उनके पास देने के लिए आश्वासन तक नहीं था।
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