देहरादून
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) का टैरिफ आदेश जारी कर दिया है। UPCL ने शुरू में 17.40% और कुल मिलाकर 18.86% टैरिफ बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। कोई समग्र टैरिफ वृद्धि स्वीकार नहीं की गई।
आयोग ने UPCL की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) को प्रस्तावित ₹14,731.98 करोड़ की जगह घटाकर ₹12,489.54 करोड़ निर्धारित किया है। वितरण हानि को भी 13.69% के प्रस्ताव के बजाय 12.25% पर सीमित रखा गया है।
मुख्य फैसले और राहतें:
• घरेलू उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं। कुछ स्लैब में दरें यथावत या कम की गईं।
• औद्योगिक उपभोक्ताओं (HT) को बड़ा लाभ: उच्च लोड फैक्टर (50% से अधिक) वाले उद्योगों के लिए ऊर्जा प्रभार ₹6.85/kVAh से घटाकर ₹6.60/kVAh कर दिया गया। लोड फैक्टर सुधार को प्रोत्साहन।
• सौर ऊर्जा उपयोग पर 22.5% छूट जारी रखी गई (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक)।
• प्रिपेड मीटरिंग पर 3-4% अतिरिक्त छूट।
• ग्रीन टैरिफ ₹0.39/kWh अतिरिक्त स्वीकृत, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिले।
• फिक्स्ड/डिमांड चार्ज में कोई बदलाव नहीं।
• वोल्टेज छूट बढ़ाई गई: 33 kV पर 4.5% और 132 kV व ऊपर पर 8%।
• सरकारी/शैक्षणिक संस्थानों को राहत जारी।
आयोग ने UPCL को कई निर्देश दिए हैं, जिनमें स्मार्ट मीटरिंग को समयबद्ध तरीके से लागू करना, उच्च हानि वाले फीडरों पर विशेष निगरानी, प्रत्येक डिस्कोम को अलग रणनीतिक इकाई बनाने और मासिक बजट रिपोर्टिंग शामिल है।
UPCL द्वारा प्रस्तावित टैरिफ बढ़ोतरी को नियंत्रित रखते हुए आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देने और वितरण दक्षता सुधारने पर जोर दिया है। नई दरें 1 अप्रैल आज से लागू ।
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