Home देहरादून केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नए ‘टाइम लिमिट’ की अफवाहों को दिया खंडन
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केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नए ‘टाइम लिमिट’ की अफवाहों को दिया खंडन

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पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया: मौजूदा नियम ही जारी, कोई बदलाव नहीं

देहरादून। हाल के दिनों में एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग अंतराल (टाइम बेटवीन दो रिफिल) के लिए जो नई समय‑सीमाएं वायरल हो रही थीं, उन्हें केंद्र सरकार ने सीधे शब्दों में झूठ और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि बुकिंग के मौजूदा नियम अब भी वही लागू हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है।

अफवाहें क्या थीं?
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) कनेक्शन के लिए रिफिल बुकिंग की समय‑सीमा अब 45 दिन, गैर‑PMUY सिंगल सिलेंडर के लिए 25 दिन और डबल सिलेंडर वालों के लिए 35 दिन कर दी गई है। कुछ समाचारों में तो 5 किलो के “छोटू” रेगुलर सिलेंडर के लिए उज्ज्वला लाभार्थियों में 16 दिन और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए 9 दिन, जबकि 14.2 किलो वाले सिलेंडर के लिए उज्ज्वला लाभार्थियों को 45 दिन की नई अंतराल‑सीमा लगाने की भी खबरें दी गईं।

सरकार ने क्या दिया स्पष्टीकरण?
इन सब दावों को सरासर गलत बताते हुए मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी रीफिल बुकिंग की मौजूदा गैप‑पीरियड अब भी पहले जैसी ही है:

शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए रेगुलर रिफिल बुक करने का न्यूनतम अंतराल 25 दिन।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह समय‑सीमा 45 दिन रखी गई है।
यह नियम सभी प्रकार के एलपीजी कनेक्शन—PMUY, सामान्य घरेलू, सिंगल या डबल‑सिलेंडर—सभी पर समान रूप से लागू है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग या अतिरिक्त बुकिंग से बचें, क्योंकि देश में एलपीजी रसोई गैस की सप्लाई पर्याप्त है।

“नया रूल” वाली घटनाओं से अलग: व्यावसायिक सिलेंडर पर प्रतिबंध
सरकार ने साफ किया है कि जो खबरें “बड़ा फैसला” या “नई सूची” के नाम पर बड़े‑बड़े हेडलाइनों में चल रही थीं, वे किसी और व्यवस्था के संदर्भ में थीं। उदाहरण के लिए, आगरा जैसे कुछ जिलों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी ने बैठक में यह निर्णय लिया है कि धारियों/होटल‑रेस्तरां को उनकी औसत खपत का केवल 10–20 प्रतिशत ही सिलेंडर आवंटित किए जाएं, ताकि घरेलू उपयोग को आगे रखा जा सके। इसके अलावा, किसी भी गैस एजेंसी, बिचौलिए या व्यक्ति को यदि जमाखोरी या घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, सरकार ने यह भी दोहराया कि उपभोक्ता अपने ऑपरेटर/एजेंसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप, या आधिकारिक जिला पूर्ति विभाग के जरिए ही नि:स्त्र सूचना लें और सोशल मीडिया पर घुमाए‑घुमाए दावों पर भरोसा न करें।

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