मेरठ/पहले बताया जाता था कि नगर निगम वाले गाड़ी देने में आना कानी करते हैं, इसलिए छुट्टा गोवंश नहीं पकड़े जा रहे हैं, लेकिन अब तो गाड़ी भी खरीद ली गयी है, कैंट बोर्ड अफसर ों को अब क्या परेशानी है जो छावनी इलाके के लिए बड़ी मुसीबत बने छुट्टा गोवंश नहीं पकड़े जा रहे हैं। जानकारों की मानें तो हिन्दू संगठनों व गौरक्षकों के विरोध के डर से छुट्टा गोवंश नहीं पकड़े जा रहे हैं।
छावनी क्षेत्र में छुट्टा गोवंश की समस्या लगता है लाइलाज रोग बन गयी है। छावनी का कोई भी ऐस इलाका नहीं जहां छुट्टा गोवंश की समस्या ना हो। सुबह दिन निकलने पर रात को जब घर में घुसते हैं तब तक छुट्टा गोवंशों से ही छावनी के लोगों का सामना होता है। छुट्टा गोवंशों की वजह से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। और तो और कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ने भी बोर्ड बैठक में छुट्टा गोवंश को लेकर नाराजगी का इजहार किया था और साथ ही यह भी कहा था कि छुट्टा गोवंशों की समस्या का समाधान होना चाहिए, लेकिन ऐसा हो ना सका। बोर्ड अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि यदि जरूर पड़े तो पुलिस की भी मदद ली जाए। छुट्टा गोंवश पकड़नपे का काम कैंट बोर्ड के सेनिटेशन सेक्शन के जिम्मे है। जब इसको लेकर ज्यादा हो-हल्ला मचा तो बताया गया कि नगर निगम वाले गाड़ी देने में आनाकानी करते हैं। जिसकी वजह से छुट्टा गोंवश पकड़े नहीं जाते हैं। कैंट बोर्ड अफसरों की इस सफाई में काफी जान भी थी और यह माकूल भी थी।
लेकिन अब तो कैंट बोर्ड ने पशु पकड़ने के लिए खुद की गाड़ी खरीद ली है। अब न जाने क्या बात है जो छुट्टा गोवंश नहीं पकड़े जा रहे हैं। छुट्टा गोवंशों की वजह से लोगों की मुसीबत आयी आयी है। छावनी का कोई ऐसा इलाका नहीं जहां छुट्टा गोवंश की समस्या ना हो। छुट्टा गोवंश की समस्या से लोग मुक्ति चाहते हैं।
ये हैं प्रभावित इलाके
यूं तो पूरा छावनी इलाका ही छुट्टा गोवंश की चपेट में आया हुआ है, लेकिन कुछ खास इलाके ऐसे हैं जहां यह समस्या अधिक है। इनमें काली पलटन मंदिर के आसपास के क्षेत्र, सदर काली माई मंदिर, सदर सब्जी मंड़ी व दाल मंड़ी (सदर की इन दोनों मंड़ियों की यदि बात की जाए तो देर शाम करीब आठ से नो बजे के बीच दोनों ही मंडियों में छुट्टा गोवंश की स्थिति इतनी ज्यादा खराब होती है कि ऐसा लगता है मानों यहां गोशाला बना दी गयी हो।) इससे सटा सदर कबाड़ी बाजार का इलाका, सदर बाजार थाना क्षेत्र, वेस्ट एंड रोड जहां तमाम पब्लिक स्कूल हैं, मंदिर मार्ग, आबूलेन, बोम्बे बाजार व हनुमान चौक, तोपखाना और तो और छावनी के जो इलाके सेना के एवन लैंड इलाके हैं वहां भी छुट्टा गोवंशों से मुसीबत बनी हुई है। इनके अलावा कैंट स्टेशन और उससे सटे तमाम आर्मी प्रतिष्ठान भी इसमें शामिल हैं।
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