Home Delhi ट्रंप को चाहिए निकलने का रास्ता
Delhi

ट्रंप को चाहिए निकलने का रास्ता

Share
ट्रंप की ईरान को बड‍़ी धमकी
WASHINGTON, DC - OCTOBER 14: U.S. President Donald Trump speaks during a meeting with President of Argentina Javier Milei in the Cabinet Room at the White House on October 14, 2025 in Washington, DC. Trump is hosting Milei for a working lunch days after the U.S. Treasury finalized a $20 billion currency swap framework with Argentina in an effort to help stabilize its economy. (Photo by Kevin Dietsch/Getty Images)
Share

नई दिल्ली। वियतनाम, ईराक फिर अफगानिस्तान और अब ईरान दुनिया में अमेरिका की इमेज युद्ध छेड़कर पीठ दिखाकर भागने वाले मुल्क के रूप में बन गयी है और इसके लिए अमेरिका के ट्रंप सरीखे प्रेसीडेंट जिम्मेदार हैं। ईरान के अमेरिका ने जो जं खरीदी वो उसको 15 अरब डालर में जाकर पड़ी है। इस लड़ाई में अब तक अमेरिका 15 अरब डालर की रकम फूंक चुका है। इसके अलावा इजरायल का तेल अबीब जिस तरह से ईरान की मिसाइलों से बर्बाद हुआ है उससे हुए नुकसान का अनुमान ही नहीं लगाया जा सका है। ईरान के साथ चल रही लड़ाई को लेकर जिस प्रकार की इंटरनेशनल फजीहत अमेरिका की हो रही है, उससे सबसे ज्यादा नाराज अमेरीकन है। उनका कहना है कि अर्थव्यवस्था को तगड़ी चोट का काम ट्रंप ने किया है। इराक के बगदाद में अमेरिकी दूतावास को ईरानी मिसाइलों ने मिट्टी में मिला दिया। यह इलाका बेहद सुरक्षित माना जाता है।
जिन देशों को अमेरिका का मित्र कहा जाता है ईरान के साथ जिस तरह से लड़ाई को माेल लिया गया, उससे अमेरिका के यूरोपियन मित्र सबसे ज्यादा नाराज है। उनके अलावा वो अरब देख भी गुस्से से भरे हुए हैं जिन्हें सुरक्षा का वादा देकर उनके यहां फौजी ठिकाने बनाने का काम अमेरिका ने किया लेकिन इन देशाें को अमेरिका एक बार भी ईरानी मिसाइलों से नहीं बचा पाया है। इस बीच सबसे बड़ी खबर यह कि यदि इस लड़ाई में अमेरिका पीछे हटता है तो फिर उससे इजरायल के पहले जैसे संबंध नहीं रह जाएंगे। इस लड़ाई के साइड इफैक्ट के लिए दुनिया जितना कसूरवार अमेरिका को मान रही है उतना ही कसूरवार इजरायल को माना जा रहा है।
लड़ाई में जो हासिल करना चाहता था वो हासिल ना कर पाने की छटपटाहट में अमेरिका में दूसरे हथकंड़ों पर उतर आया है। उसने अब ने ईरान के सबसे रसूखदार नेताओं की मौत के लिए खजाना खोल दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और अली लजारिजानी सरीखे तमाम चेहरों की सटीक सूचना देने वालों को एक करोड़ डालर के इनाम के अलावा दुनिया के किसी मुल्क में सुरक्षित इलाके में घर का भी एलान किया है। अमेरिका ने इस्माइल खतिब और अली असगर हेजाजी जैसे नामों को भी इस लिस्ट में शामिल किया है। लेकिन जानकारों की मानें तो शुरूआती दो दिनों की और अब की लड़ाई में जमीन आसमान का फर्क है। अब इस लड़ाई में पर्दे के पीछे से रूस और चीन अमेरिका से लड़ रहे हैं। जो कुछ इस लड़ाई में चल रहा है उसके बाद यह कहा जा रहा है कि अमेरिका यानी ट्रंप इस लड़ाई से भागने का मौका तलाश रहे हैं।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two × three =

Related Articles

अमेरिका भारत से कितना दूर पाकिस्तान के कितना करीब

अमेरिका भारत से कितना दूर पाकिस्तान के कितना करीब

टीएमसी सांसद अभिषक बनर्जी पर हमला

टीएमसी सांसद अभिषक बनर्जी पर हमला

पीएम मोदी बोले विदेश यात्रा पर रोक का इरादा नहीं

पीएम मोदी बोले विदेश यात्रा पर रोक का इरादा नहीं

इजरायल के फौजी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलों का कहर

इजरायल के फौजी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलों का कहर