मेरठ। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन के नेतृत्व में जिलाधिकारी, मेरठ के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अनुदानित अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में प्रबंधन के संवैधानिक अधिकारों की बहाली की मांग की गई। सुदीप जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर नियुक्ति अधिकारों के मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर संस्कृत विद्यालयों के प्रबंधन को नियुक्ति संबंधी अधिकार दिए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अल्पसंख्यक विद्यालयों के प्रबंधन की प्रशासनिक स्वायत्तता सीमित की जा रही है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 30 (1) का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में बीएड प्रवेश के प्रबंधन कोटे के मुद्दे पर किए गए विरोध और उसके बाद हुई बहाली का उल्लेख करते हुए सरकार से नियुक्ति संबंधी नियमों की समीक्षा कर अल्पसंख्यक विद्यालयों के अधिकार सुरक्षित करने की मांग की। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री सरदार कवलजीत सिंह ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए अल्पसंख्यक संस्थानों की संवैधानिक एवं प्रशासनिक स्वायत्तता सुरक्षित रखने की मांग की। एड रियासत अली ने कहा कि सरकार को सरकार को अल्पसंख्यक समुदाय के हितों का ध्यान रखना चाहिए। जिला कांग्रेस के महासचिव तरुण शर्मा ने कहा कि अल्पसंख्यक वर्गो के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उपाध्यक्ष दिलशाद सैफी और बाबू राम जाटव ने कहा कि अल्पसंख्यक अधिकारों के रक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सपा के नितिन गर्ग ने कहा कि सरकार को सभी को समान रूप से देखना चाहिए़। मोर्चा ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि इस विषय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने हेतु संबंधित सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाए।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर सम्यक जैन, नाजि़म सैफी, कय्यूम अहमद सैफी (संथापक सैफी संघर्ष समिति), सिराज अहमद सैफी (पूर्व पार्षद निगम ), मंजूर अहमद सैफी (पूर्व पार्षद निगम ), फिरोज सैफी, नन्हे प्रधान,अकरम मंसूरी, अरशद राणा, मयंक जैन, विजय कुमार जैन, वैभव जैन, विश्नावत जैन , स्पर्श अग्रवाल, नितिन गर्ग आदि मौजूद रहे।
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