नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान या महंगाई व ईंधन की कमी से त्रस्त केवल भारत नहीं बल्कि दुनिया के तमाम मुमालिक जिस घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे माना जा रहा है वो घड़ी वो वक्त आ गय है। अमेरिका और ईरान [पाकिस्तान व कतर की मध्यस्थता में] एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बहुत करीब पहुँच गए हैं। दोनों देशों ने शांति समझौते के मसौदे पर सहमति व्यक्त कर ली है और इस समझौते पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया आज किसी भी वक्त पूरी हो सकती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किय है कि आज दोनों मुल्कों के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच एक अंतिम मसौदा तैयार कर लिया गया है। हस्ताक्षर के लिए जिनेवा को संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि समझौते के साथ ही स्ट्रेट हाेर्मज भी खुल जाएगा और ईरानी बंदरगाहों से अमेरिका की नाकाबंदी खत्म होने के साथ ही अमेरिका ने उस पर लगायी गयी पावंदिया भी हट जानी हैं। शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट किया, “हम शांति समझौते के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। अगले 24 घंटों में इसके फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहा है और उसके बाद अगले हफ़्ते टेक्निकल लेवल पर बातचीत होगी। हम बातचीत के दौरान लगातार सहयोग के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं, और इस क्षेत्र में अपने भाइयों के समर्थन के लिए हम उनका दिल से आभार व्यक्त करते हैं। हमें पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति के लिए एक मज़बूत आधार बनेगा।” समझौते में ईरान के कब्जे वाले स्ट्रेट हाेर्मूज को फिर से खोलना और परमाणु सामग्री को हटाने के बदले ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है। इसके अलावा ईरान लेबनान में स्थायी युद्ध विराम भी चाहता है। लेबनान को लेकर अभी समझौते में तस्वीर साफ नहीं है। जब तक यह दुनिया के सामने ना आ जाए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ लड़ाई खत्म करने का समझौता होने वाला है, जिसमें लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच का संघर्ष भी शामिल हो सकता है।
झूमेगा शेयर बाजार
उम्मीद की जा रही है कि जब सोमवार को यानि कल सुबह शेयर बाजार खुलेगा तो वह पूरी मस्ती के आलम में झूमता हुआ नजर आएगा। इस समझौते के आसार से वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है, शेयर बाजारों में उछाल आया है और तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। तेल की कीमतों में आने वाले समय में अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि भारत के संदर्भ में यह कहना अभी मुश्किल है कि दुनिया में तेल की कीमतों में कमी का फायदा क्या मोदी सरकार आम भारतीय को देगी।
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