नई दिल्ली। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया ब्लॉक की बैठक में सहयोगी दलों ने मोदी सरकार से दो-दो हाथ का एलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया। दो साल बाद हुई बैठक में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के खिलाफ एक एकीकृत रणनीति तैयार करने और मौजूदा राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में जिन नेताओं ने भाग लिया उनमें इंडिया ब्लॉक की बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, कपिल सिब्बल, डेरेक ओ’ब्रायन पहुंचे हैं। इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में शामिल हुए हैं। लेकिन आप के अरविंद केजरीवाल ने दूरी बनाए रखी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान जिन पांच मुद्दों पर सहमति बनी है, उसमें शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा, केंद्र सरकार जल्द ऑल पार्टी मीटिंग बुलाए, ताकि बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर चर्चा की जा सके यह भी तय किया गया कि अगली बैठक हैदराबाद में आठ अगस्त को होगी। बैठक के बाद खरगे ने कहा कि हम पांच बिंदुओं पर सहमति जताई गई। बैठक में नीट पेपर लीक का मुद्दा छाया रहा।
मोदी सरकार पर हमलावर रहे खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बैठक में केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ताधारी सरकार में संविधान पर हमला लगातार जारी है। बीजेपी सरकार पर ‘कुशासन’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने जोर दिया कि I.N.D.I.A. ब्लॉक की सभी राजनीतिक पार्टियों को इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए। यह बैठक विपक्ष की एकजुटता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि गठबंधन में शामिल पार्टियां मौजूदा सरकार के खिलाफ आपसी सहयोग को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब हमें मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने आने वाली कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति चुनौतियों का सामना करने के लिए इस भावना को मजबूत और आगे बढ़ाना होगा।
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