नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद ,खराब रहा। ग्लोबल कारणों के चलते शेयर बाजार भारी बिकवाली के साथ खुला। बाजार की हालत देखकर तमाम निवेशकों खासतौर से छोटे और मझोले निवशेकों झटका लगा। आज उन्हें लाखों करोड़ का नुकसान हुआ है। शुरूआत के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स क्रैश हो गए। सबसे बुरी दशा आईटी शेयरों की हुई। उनमें तो मानों भूचाल आ गया हो। निफ्टी आईटी इंडेक्स में भयंकर गिरावट देखी गई है, जिसमें टीसीएस (TCS) समेत अन्य प्रमुख आईटी शेयरों में भारी बिकवाली हुई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex देखते ही देखते 800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी दो सौ अंकों तक की गिरावट दर्ज करा चुका था। बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स अब तक 726.56 अंक लुढ़क गया। इसकी वजह मिडिल ईस्ट तनाव बताया जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर अमेरिका-ईरान के बीच) के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। तेल के महंगा होने से महंगाई का खतरा बढ़ता है और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली किए जाने से मार्केट पर दबाव बढ़ गया है। अमेरिकी शेयर बाजार में 2 जून के कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली थी। उसके बाद भारतीय निवेशक बुरी तरह डरे हुए थे। उनका यह डर आज सही साबित हुआ। अमेरिका में डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.45% या 228.91 अंकों की बढ़त के साथ 51307.79 के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 पहली बार 7600 के ऐतिहासिक मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए 0.13% या 9.82 अंकों की तेजी के साथ 7609.78 के स्तर पर बुद हुआ। Nasdaq Composite में भी 0.03% का उछाल आया और यह 27093.90 पर बंद हुआ।
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