नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों से होने वाले आयात पर \(12.5\%\) तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। अमेरिकी प्रशासन (USTR) का दावा है कि ये देश जबरन मजदूरी (Forced Labor) से बने उत्पादों के आयात को रोकने में विफल रहे हैं, जिससे अमेरिकी श्रमिकों को अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों से होने वाले आयात पर \(12.5\%\) तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। अमेरिकी प्रशासन (USTR) का दावा है कि ये देश जबरन मजदूरी (Forced Labor) से बने उत्पादों के आयात को रोकने में विफल रहे हैं, जिससे अमेरिकी श्रमिकों को अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। USTR ने इसे दो स्तरों में विभाजित किया है। भारत, चीन, जापान, और ब्राजील सहित 54 देशों पर पूरी (12.5\%) की अतिरिक्त ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, आंशिक नियम लागू करने वाले देशों (जैसे ब्रिटेन, मेक्सिको और यूरोपीय संघ) के लिए (10\%) शुल्क का प्रस्ताव है। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, इजराइल, जापान, कतर और रूस जैसे देश शामिल हैं। लिस्ट में शामिल दूसरे देशों में सऊदी अरब, सिंगापुर, साउथ कोरिया, श्रीलंका; स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की UAE, यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। हालांकि दुनिया के देशों का मानना है कि ईरान से जंग मोल लेकर फंस गए डोनाल्ड ट्रंप केवल अपनी खीज मिटाने के लिए इस प्रकार के अनाप-शनाप फैसले ले रहे हैं। दरअसल अमेरिका में उनका प्रभाव तेजी से घट रहा है। इस प्रकार के फैसलों को आम अमेरिकी भी गैर जरूरी मान रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी प्रशासन के एक उच्च पदस्थ ने एक बयान में कहा कि 1974 के अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत की गई जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि 60 अर्थव्यवस्थाओं की नीतियां और कार्यप्रणालियां अमेरिकी व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं। एजेंसी के मुताबिक, इन देशों द्वारा जबरन श्रम से तैयार उत्पादों के आयात को प्रभावी ढंग से रोकने में विफल रहने की वजह से अमेरिकी कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसी आधार पर इन मामलों को अमेरिकी व्यापार कानून के तहत कार्रवाई योग्य माना गया है।
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