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महंगाई की मार से मचा हा-हाकार

महंगाई की मार से मचा हा-हाकार

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महंगाई की मार से मचा हा-हाकार
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनाव निपटते ही गरीबों पर महंगाई की मार पड़ी है। इस मार से हा-हाकार मचा हुआ है। कामर्शियल गैस सिलेंडर पर करीब एक हजार रुपए एक ही झटके में बढ़ा दिए गए हैं। इससे सबसे बुरा असर छोटे होटल ढावों व एमएसएमई सेक्टर पर पउ़ा है। कई छोटी इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। इनमें भारी छंटनी की जा रही है। 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग ₹993 से ₹1000 तक की भारी वृद्धि की गई है, जिससे दिल्ली में इसका दाम ₹3,071.50 प्रति सिलेंडर तक पहुंच गया है। इस मार का असर सीधपा होटल, कैफे और कैफेटेरिया उद्योग पर पड़ा है। ये या तो बंद हो रहे हैं या उन्होंने रेट बेतहाशा बढ़ा दीजिए हैं। यह बढ़ोतरी 5 ​​राज्यों में चुनाव खत्म होने के ठीक दो दिन बाद हुई है; इन चुनावों का आखिरी चरण 29 अप्रैल को बंगाल में संपन्न हुआ. घरेलू LPG और लोकल एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें जस की तस हैं. इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में 5 परसेंट की बढ़ोतरी की गई है. महंगाई की अगली मार की किश्त तेल से आएगी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भविष्यवाणी की है कि मोदी सरकार तेल के दाम भी बढ़ने जा रही है। याद रहे कि राहुल गांधी ने बीच चुनाव आगाह किया था कि पांच राज्यों के चुनाव निपटते ही महंगाई की मार देश की जनता पर पड़ने जा रही है। , कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी 1 मई से प्रभावी है. दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 3,071.50 रुपये हो गई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी से मंहगाई बढ़ना लगभग तय है. इसका असर आपकी जेब पर पड़ेगा. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फ़ूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Eternal ने अपनी हालिया अर्निंग्स कॉल में कहा कि भारत के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई LPG की कमी का अब तक उसकी ग्रोथ या मुनाफे पर कोई खास असर नहीं पड़ा है. लोकल लेवल पर सप्लाई कम होने के बावजूद उनके प्लेटफॉर्म पर मांग स्थिर बनी हुई है।

मौजूदा तिमाही में संभावित असर के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कंपनी के फाउंडर Deepinder Goyal ने कहा कि हालांकि, प्रभावित इलाकों में कुछ रेस्टोरेंट को सप्लाई से जुड़ी कुछ अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्लेटफॉर्म के स्तर पर कुल मिलाकर कारोबार बिना किसी रुकावट के चलता रहा. उन्होंने कहा, ”अभी तक कोई खास असर नहीं पड़ा है.।’

चांट पकोड़ी के ठेले गायब

तमाम शहरों में से चांट पकड़ी के ठेले गायब हो गए हैं। नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली के जिन इलाकों में शाम होते ही खाने पीने का सामान बेचने वालों के खोमचे, स्टाल और ठेले गायब हो जाते थे उन इलाकों में आज एक दिन पहले जैसा माहौल नहीं नजर आया। तमाम राज्यों की राजधानी और दिल्ली एनसीआर के मेरठ समेत तमाम शहरों में कमोवेश यही दशा है। हलवाइयों ने स्टॉल में कटौती कर दी है। उनका कहना कि तीन हजार से ज्यादा का सिलेंडर लेंगे तो पड़ता नहीं आएगा। इसलिए काम करना ही बंद कर देंगे।

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