मेरठ। शास्त्रीनगर के बालेराम सरस्वती शिशु मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ रूद्री पाठ से किया गया। शिविर में बताया गया कि योगासन शरीर को मजबूत बनाते हैं, प्राणायाम हमें अपनी सांसों पर नियंत्रण करना सिखाता है और ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद ईश्वरीय शक्ति से जोड़ता है। ध्यान का नियमित अभ्यास मन को शांत और शुद्ध बनाता है तथा अच्छे चरित्र के निर्माण में मदद करता है।
राष्ट्रीय योग दिवस को समर्पित कार्यक्रम
इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए रविवार को शास्त्रीनगर के डी ब्लॉक स्थित बालेराम सरस्वती शिशु मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से अंत कार्यक्रम की शुरुआत दिव्य रुद्री-पाठ से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। राष्ट्रीय योग दिवस को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सिद्धयोगा भारती ने कहा कि डीजेजेएस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत होने से भी पहले पिछले तीन दशकों से अधिक समय से दुनिया भर में योग शिविर आयोजित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाला एक विज्ञान है। योग व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और बेहतर जीवन जीने की दिशा देता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग शारीरिक और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग और ध्यान व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाते हैं। ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसके लाभों को समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस सामूहिक संकल्प ने स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के प्रति लोगों की जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान साधना के साथ हुआ।
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