मेरठ। कैंट बोर्ड की निवर्तमान उपाध्यक्ष व भाजपा का पंजाबी महिला चेहरा बीना वाधवा के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने बुधवार को बुढ़ानागेट पर विपक्ष का पुतला फूंका। उन्होंने कहा कि वक्त आने पर देश की महिलाएं इसकी सजा विपक्ष को देंगी। पुतला दहन से पहले भाजपा नेत्रियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पद यात्रा भी निकाली। पूरे इलाके में ‘महिला का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानÓ और ‘कांग्रेस पार्टी मुर्दाबादÓ जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। इस मौके पर बीना वाधवा ने कहा कि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं बीना वाधवा ने कहा कि यह आंदोलन दोहरी मानसिकता और महिलाओं के साथ हुए विश्वासघात के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया और राजनीतिक भागीदारी से दूर किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 17 सितंबर 2023 को महिला आरक्षण संशोधन बिल संसद में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों ने कभी इसे परिसीमन से जोड़ा, तो कभी राजनीतिक एजेंडा बताकर इसका विरोध किया और असली मुद्दे से ध्यान भटकाया। बीना वाधवा ने आगे कहा कि जब संसद में इस बिल के समर्थन का समय आया, तो विपक्षी गठबंधन ने इसके खिलाफ वोट किया। इसी के विरोध में आज महिलाएं सड़कों पर उतरी हैं। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और जिन दलों ने इस बिल का समर्थन नहीं किया, उनके दोहरे चरित्र को उजागर करेंगी। साथ ही आने वाले चुनावों में महिलाओं से ऐसे दलों के खिलाफ मतदान करने की अपील भी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हो चुका है और हाल ही में 16, 17 और 18 तारीख को विशेष सत्र बुलाया गया था, ताकि इसे जल्द लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। उनका कहना था कि अगर यह कानून समय पर लागू होता है, तो 2029 के चुनाव में महिलाओं को इसका अधिकतम लाभ मिल सकेगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित विपक्षी गठबंधन का पुतला भी दहन किया। महिलाओं ने एकजुट होकर कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए अब सड़कों पर उतर चुकी हैं और पीछे हटने वाली नहीं हैं।
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