Home देहरादून देहरादून में पेंशन घोटालों पर सख्त एक्शन: 15 जून तक शत‑प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य, अपात्रों को सूची से हटाया जाएगा
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देहरादून में पेंशन घोटालों पर सख्त एक्शन: 15 जून तक शत‑प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य, अपात्रों को सूची से हटाया जाएगा

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देहरादून। पेंशन योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों और घोटालों पर अंकुश लगाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग की सभी पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों का शत‑प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026‑27 के लिए यह प्रक्रिया अप्रैल से जून तक के दौरान चलेगी, जिसे 15 जून 2026 तक पूरा करना अनिवार्य किया गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि सत्यापन के दौरान जो पेंशनर मृत पाए जाएं या अन्य कारणों से अपात्र पाए जाएं, उन्हें तुरंत पेंशन सूची से हटा दिया जाए। इस तरह से सुनिश्चित किया जा सकेगा कि वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना और परित्यक्ता जैसी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक रूप से पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे।

सत्यापन की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को दी गई है। ये नोडल अधिकारी पटवारी/लेखपाल तथा ग्राम विकास/ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के सहयोग से ग्रामवार एवं वार्डवार भौतिक जांच कराएंगे। सत्यापन के दौरान मृत लाभार्थियों की मृत्यु तिथि और अपात्र होने का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। पूरी रिपोर्ट 15 जून तक संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को जमा कराई जाएगी, जिसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

सत्यापन के दायरे में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन, 0‑18 वर्ष दिव्यांग बच्चों की पेंशन और परित्यक्ता पेंशन सहित अन्य सभी योजनाएं आएंगी। देहरादून में वर्तमान में लगभग 76,128 वृद्ध, 32,011 विधवा, 11,596 दिव्यांग, 8,140 परित्यक्ता, 672 किसान और 1,121 दिव्यांग बच्चे पेंशनधारी के रूप में पंजीकृत हैं। इनकी ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभागीय वेबसाइट ssp.uk.gov.in पर उपलब्ध है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्ध और कड़ी निगरानी से अपात्र लाभार्थियों को तुरंत बाहर करने के साथ‑साथ पात्र वास्तविक पेंशनरों को भविष्य में सुचारू रूप से नियमित पेंशन सुनिश्चित की जा सकेगी

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