रूद्रपुर । जनपद में रासायनिक उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए उर्वरक दुकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को सही समय पर उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर रोक लगाना रहा।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वी.के. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कुल 28 दुकानों का सत्यापन किया गया, जिसमें कई स्थानों पर अनियमितताएं पाई गईं। इन विसंगतियों के आधार पर विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि गल्ला मंडी, रुद्रपुर स्थित मैसर्स अजंता फर्टिलाइजर के संचालक वैभव अरोड़ा के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा अजंता फर्टिलाइजर का लाइसेंस और बाजपुर प्रथम किसान सेवा सहकारी समिति का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है, जबकि चार अन्य विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कृषि विभाग ने उर्वरक वितरण को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए कई सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। इसके तहत किसानों को यूरिया बेचने से पहले आधार कार्ड और खतौनी लेना अनिवार्य किया गया है। बिना अनुमति के किसी भी किसान को पांच बैग से अधिक यूरिया नहीं दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मुख्य कृषि अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
इसके साथ ही विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे बिक्री का पूरा रिकॉर्ड पंजिका में दर्ज करें, जिसमें किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, खसरा संख्या और भूमि का क्षेत्रफल शामिल होगा। जो किसान लीज या ठेके पर खेती कर रहे हैं, उनसे संबंधित दस्तावेज लेना भी अनिवार्य किया गया है ताकि गलत तरीके से उर्वरक की बिक्री को रोका जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद की सीमा उत्तर प्रदेश और नेपाल से जुड़ी होने के कारण बाहरी किसानों को उर्वरक बेचना कालाबाजारी माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और किसी के बहकावे में न आएं, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
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