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धरना स्थल को सील सेंट्रल मार्केट पीएसी के हवाले

धरना स्थल को सील सेंट्रल मार्केट पीएसी के हवाले

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मेरठ/ प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने धरना स्थल को सील कर दिया है। इतना ही नहीं सेंट्रल मार्केट पीएसी के हवाले कर दिया है। साथ ही पूरे सेंट्रल मार्केट खासतौर से धरना स्थल पर लोहे के बेरिकट लगा दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से जहां व्यापारी दहशत में हैं वहीं दूसरी ओर तमाम दलों के नेताओं ने इस पर नाराजगी का इजहार किया है। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में पीएसी तैनात कर दिए जाने से हड़कंप मचा हुआ है। यहां कुछ बड़ा होने जा रहा है। पुलिस प्रशासन के अफसरों की बॉडी लैग्वेज बता रही है कि सख्ती की तैयारी और धरने देने वालों पर अब पुलिस भारी है। धरना देने वालों में शामिल कांग्रेसी नेत्री रीना शर्मा को आज सुबह पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है। एक दिन पहले यानि बधुवार को संयुक्त व्यापार संघ के नवीन गुप्ता गुट ने आवास विकास अफसरों के घेराव का एलान किया था। माना जा रहा है कि उसी का यह साइड इफैक्ट है। दरअसल अधिकारी मान बैठै जब तक धरना रहेगा तब तक कुछ ना कुछ हंगामा होता ही रहेगा। इसलिए पहले धरना ही खत्म कराओ। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी धरने पर बैठी महिलाओं से बातचीत करने पहुंचे। एक घर के अंदर एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले क्षेत्रवासियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसी दौरान धरने पर महिलाओं के साथ बैठीं कांग्रेस नेता रीना शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लेकर नौचंदी थाने भेज दिया। रीना शर्मा का आरोप है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से महिलाओं के बीच बैठी थी और उन्होंने कोई नारेबाजी भी नहीं की। पुलिस को आशंका है कि रीना की वजह से ही महिलाएं धरने पर डटी हैं। एसएचओ अनूप कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें जबरन धरने से उठाकर महिला पुलिस की मदद से थाने भिजवा दिया। फिलहाल, कांग्रेस के कार्यकर्ता नौचंदी थाने में एकत्र हो रहे हैं और मामले को लेकर नाराजगी जताई जा रही है। 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 859 आवासीय भू-खंडों में चल रही आवासीय गतिविधियों को बंद कर सैट बैक करने के लिए आदेश दिया था। इसके बाद से ही वहां के व्यापारी और स्थानीय निवासी इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। धरना स्थल पर बैठे लोगोंं से पुलिस प्रशासन के अफसरों ने दो टूक कह दिया नेताओं से दूरी बनाकर रखे। साथ ही उन्होंने यह भी समझाने का प्रयास किया कि जो भी कार्रवाई की जा रही है वह सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर की जा रही है। यदि कुछ कहना है तो सुप्रीमकोर्ट में मौजूद होकर ही करें। वहीं दूसरी ओर जब सेंट्रल मार्केट और भाजपा से इतर राजनीतिक दलों ने नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर कठोर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा है कि यह लोकतंत्र के अधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि इसको स्वीकार नहीं किया जा सकता। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के चलते सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो के व्यापारियों मेंं अफरा-तफरी मची हुई है। हालांकि एडीएम सिटी और एसपी सिटी के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने भी दूरी बना ली है, लेकिन जहां तक मोरल स्पोर्ट की बात है तो वह पूरी तरह से धरने पर बैठे व्यापारियों के साथ है। दरअसल सेंट्रल मार्केट के व्यापारी जानते है कि यदि सेक्टर दो के व्यापारियों को राहत मिली तो उनके लिए भी राहत का रास्ता खुल सकेगा। धरने पर बैठे व्यापारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि केवल सेंट्रल मार्केट ही नहीं बल्कि पूरे महानगर के व्यापारी उनके साथ हैं। इसके अलावा कों्रेस नेत्री जिन्हें हिरासत में ले लिए गया था, उन्होंने भी फोन कर साथ देने की बात सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से कही है।

प्रशासन भी नहीं बेखबर

सेंट्रल मार्केट खासतौर से सेक्टर दो पर चल रहे धरने की यदि बाते करें तो वहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। इससे ना तो प्रशासन व पुलिस बेखबर है और ना ही इस धरने को अब तक स्पोर्ट देने वाले व्यापारी नेता और राजनीतिक दल अनभिज्ञ हैं। पल-पल की अपडेट सेंट्रल मार्केट से ली जा रही है।
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