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कपड़ा फेरी, जनसुविधा केंद्र और प्राइवेट जॉब की आड़ में ISI का जासूसी नेटवर्क बेनकाब

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भारत में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की सक्रियता एक बार फिर उजागर हुई है। पानीपत में गिरफ्तार शामली (कैराना) निवासी नोमान इलाही से पूछताछ में सामने आया है कि वह देश की संवेदनशील जानकारियां ISI को भेज रहा था।

नोमान जैसे युवक, जो आमतौर पर कपड़े की फेरी, जनसुविधा केंद्र चलाने या निजी नौकरियों में लगे होते हैं, वास्तव में पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम कर रहे थे। नोमान व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर जानकारी भेजता था। हालांकि, अब तक अन्य प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ISI ने भारत में खासकर शामली, कैराना, देहरादून, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे इलाकों के बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया। इन्हें कुछ हज़ार रुपये के बदले में सेना मूवमेंट, कैंट एरिया और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाने और भेजने के लिए तैयार किया गया।

सीआईए प्रथम प्रभारी संदीप चहल ने बताया कि नोमान की गिरफ्तारी के बाद कई और एजेंटों के नाम सामने आए हैं। नोमान के बैंक खाते में दिल्ली के एक युवक से ट्रांजैक्शन भी मिला है, जिससे साफ है कि ये नेटवर्क कई शहरों तक फैला हुआ है। यह नेटवर्क भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है। जांच एजेंसियों ने अब इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

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