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बैंच पर सीएम के रवैये का विरोध हड़ताल पर वकील कचहरी में सन्नाटा

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बैंच पर सीएम के रवैये का विरोध हड़ताल पर वकील कचहरी में सन्नाटा
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मेरठ समेत वेस्ट यूपी के बाइस जनपदों के वकील रहे हड़ताल पर, होटल ढावे यहां तक कि बीड़ी सिगरेट के खोखें तक नहीं खुले, संघर्ष समिति की घूमती रही टीमें, कई वकीलों के चैंबर तक नहीं खुले

मेरठ। हाईकोर्ट बैंच की मांग पर सूबे के सीएम योगी के रवैये से खिन्न वेस्ट यूपी के बाइस जनपदों के वकील आज हड़ताल पर रहे। वकीलों की हड़ताल का व्यापक असर कचहरी में देखने को मिला। एक अरसे बाद कचहरी मे वकीलों की ऐसी हड़ताल देखने को मिली है जिसमें कई सीनियर वकीलों के चैंबरों के आज ताले नहीं खुले। मंगलवार को वकीलों की मिटिंग के बाद यह साफ हो गया था कि बुधवार को अभूतपूर्व बंद रखा जाएगा। बंद भी ऐसा कि खाना और चाय तो दूर की बात है लोग बीड़ी सिगरेट तक के लिए तरस गए। हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति ने बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान कोई काम ना हो यह सुनिश्चित करने के लिए आज सुबह से ही कचहरी में केंद्रीय संघर्ष समिति की टीमें घूमनी शुरू हो गयीं। इस दौरान पूरे कचहरी परिसर की वीडियो ग्राफी करायी गयी। दरअसल संघर्ष समिति यह सुनिश्चित कर लेना चाहती थी कि मेरठ में शत प्रतिशत हड़ताल सफल रही है। सीनियर एडवोकेट वीरेन्द्र वर्मा काजीपुरिया ने बताया कि हड़ताल की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हड़ताल के दौरान टाइपिस्ट तक नहीं कहीं नजर आए। ना ही स्टांप बेचने वालों ने आप अपने ठीए खोलों। पूरी कचहरी में संपूर्ण हड़ताल रही।

सुनील भराला समेत सभी को नोटिस

भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री सुनील भराला समेत उन सभी वकीलों को केंद्रीय संघर्ष समिति की ओर से नोटिस भेज कर बताया जाएगा कि यदि भाजपा से रिश्ता रखना है तो फिर बार से अपना रिश्ता खत्म करें। मेरठ बार में ऐसे तमाम वकील हैं जो भाजपा की सक्रिय राजनीति करते हैं। भाजपा से संबद्ध वकीलों की बार की सदस्यता खत्म की जाएगी।

सीएम से ज्यादा मेरठी भाजपाइयों की चुप्पी पर नाराजगी

हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति हाईकोर्ट बैंच पर सीएम योगी के रवैये से ज्यादा मेरठी भाजपाइयों के रवैये से नाराज है। केंद्रीय सर्ग्ष समिति के अध्यक्ष अनुज शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के जवाब तथा इस दौरान मौजूद सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, कैंट विधायक लक्ष्मीकांत बाजपेयी, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी की चुप्पी पर उनकी निंदा की गई। बेंच स्थापना की मांग की पैरवी के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति ने राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी को वकालतनामा दिया था। आम सभा में सर्वसम्मति से उसे भी वापस लिया जाएगा।
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