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बारिश ने रोकी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की राहें

बारिश ने रोकी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की राहें

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बारिश ने रोकी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की राहें
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खराब मौसम की वजह से हुई देरी के चलते कई बच्चों की छूट गयी पीईटी-2026 अर्हता परीक्षा

मेरठ। 25 अक्टूबर को पहला चरण पूरा होने के बाद, आज 30 अक्टूबर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल सुबह से ही मुस्तैद रहा। शिक्षा विभाग के जिला विद्यालय निरीक्षक सरीखे अधिकारी खुद भी राउंड पर रहे। उत्तर प्रदेश अधीन्स्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा पीईटी-2026 परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों और सख्त चैकिंग के बीच शांति पूर्वक संपन्न हुई। शुरुआती रुझानों और केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कड़े सुरक्षा इंतजामों और दूर-दराज के परीक्षा केंद्र होने के कारण हर बार की तरह इस बार भी कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। मेरठ और आसपास के केंद्रों पर लगभग 30% से 35% अभ्यर्थियों के अनुपस्थित रहने का अनुमान है। आधिकारिक तौर पर छोड़े गए बच्चों का सटीक आंकड़ा आयोग द्वारा जारी किया जाएगा।

48 परीक्षा केंद्र

जिले में परीक्षा के लिए कुल 48 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 37 केंद्र शहरी क्षेत्रों में और 11 केंद्र ग्रामीण इलाकों में स्थित थे। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 44,082 परीक्षार्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। प्रत्येक पाली में करीब 22 हजार अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की गई। इसके साथ ही, परीक्षार्थियों की सघन तलाशी और सख्त बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही उन्हें कमरों में प्रवेश दिया गया।

मध्यम दर्जे का प्रश्न पत्र

इतिहास, भूगोल और विज्ञान से जुड़े सवाल सीधे और उलझाने वाले नहीं थे, लेकिन करंट अफेयर्स के कुछ प्रश्नों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर किया। बच्चों ने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) और अंकगणित के ग्राफ वाले सवाल काफी समय लेने वाले और पेचीदा रहे। कई छात्रों का कहना था कि गणित के फेर में उनके कुछ प्रश्न छूट गए। हिंदी गद्यांश और तर्कशक्ति के सवाल बेहद आसान और स्कोरिंग रहे, जिससे छात्रों को राहत मिली। वहीं दूसरी ओर मेरठ में जिन जनपदों के बच्चों का सेंटर पड़ा उनमें आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद और मथुरा जैसे दूर-दराज के जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे, जिन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से कुछ बच्चे समय पर नहीं पहुंच सके। रोडवेज के भैंसाली बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर कल रात से ही भारी भीड़ देखी गई। ट्रेनों और रोडवेज बसों में पैर रखने की जगह नहीं थी, जिससे महिला अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई अभ्यर्थी एक दिन पहले ही पहुंच गए थे, जिन्होंने होटलों का खर्च बचाने या जगह न मिलने के कारण रात रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के फर्श पर सोकर गुजारी। परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों पर सुबह और दोपहर के वक्त जाम की स्थिति बनी रही। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा किराया वसूलने की भी शिकायतें आईं।

प्रवेश बंद होने पर मायूसी

सख्त गाइडलाइंस के कारण पेपर शुरू होने से ठीक आधा घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे। देर से पहुंचने वाले कुछ अभ्यर्थियों को गेट से ही रो दिए जाने के बाद मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। परीक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने मेरठ के सभी स्कूल-कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में शैक्षणिक अवकाश घोषित किया था ताकि सड़कों पर जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। डीआईओएस ही नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी लगातार केंद्रों का राउंड लेकर सुरक्षा का जायजा लेते नजर आए।
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