मेरठ। माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश (UPMSP) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को अपने शैक्षिक विवरणों की गलतियां सुधारने का एक और मौका दिया है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, छात्रों के नाम, माता-पिता के नाम, विषय, वर्ग, लिंग, जाति और फोटो में हुई त्रुटियों के निवारण के लिए परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in 02 नवंबर से 12 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक क्रियाशील रहेगी। बोर्ड ने प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे विद्यालय के रिकॉर्ड (अभिलेखों) से मिलान कर सभी संस्थागत (Regular) और व्यक्तिगत (Private) छात्रों के विवरणों की भली-भाँति जांच कर लें। यदि किसी विवरण में त्रुटि मिलती है, तो प्रधानाचार्य स्वयं पोर्टल पर लॉगइन कर तय समय सीमा के भीतर उसे ऑनलाइन अपडेट करेंगे।
संशोधन के बिंदू
नाम में सुधार की यदि बात करें तो छात्र, माता एवं पिता के नाम की स्पेलिंग (वर्तनी) की त्रुटियां को सही किया जाना। चुने गए विषय या स्ट्रीम (कक्षा 11वीं/12वीं के वर्ग) में बदलाव। छात्र-छात्रा के जेंडर से जुड़ी गलती का सुधार। छात्र की जाति श्रेणी में संशोधन किया जाना। परीक्षा के माध्यम (हिन्दी या अंग्रेजी) में बदलाव। छात्र-छात्रा की गलत या धुंधली फोटो को बदलना। कक्षा 11वीं के पंजीकरण में दर्ज हाईस्कूल के गलत रोल नंबर में सुधार।
16 नवंबर तक ऑफलाइन आवेदन
बोर्ड के अनुसार, कुछ गंभीर संशोधनों के लिए पोर्टल पर सीधे ऑनलाइन बदलाव नहीं किया जा सकेगा। छात्र की जन्मतिथि (DOB) में सुधार, छात्र या माता-पिता का पूरा नाम बदलने या किसी छात्र का रिकॉर्ड डिलीट/रिस्टोर कराने के लिए ऑफलाइन माध्यम अपनाना होगा। इसके लिए स्कूलों के प्रधानाचार्यों को 16 नवंबर 2026 तक छात्रों से जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रार्थना पत्र प्राप्त करने होंगे। इसके लिए दिए जाने वाले आवेदन के साथ छात्र का स्कूल प्रवेश एडमिशन फार्म, एसआर रजिस्टर की प्रमाणित छायाप्रति, उपस्थिति पंजिका की प्रमाणित प्रति, परीक्षार्थी का पहचान पत्र व कक्षा 9वीं या 11वीं के रजिस्ट्रेशन कार्ड की फोटोकॉपी जरूरी है।
क्षेत्रीय कार्यालयों को 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम
मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) के माध्यम से प्राप्त ऑफलाइन आवेदनों की बारीकी से जांच करें। सभी सही पाए गए मामलों का विवरण 30 नवंबर 2026 तक सम्बंधित कम्प्यूटर फर्म को भेजकर संशोधन की कार्रवाई हर हाल में पूरी करा ली जाए। बोर्ड ने इस प्रक्रिया से जुड़े सभी साक्ष्यों को कार्यालय में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं।
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