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वो तेरे प्यार का गम इक बहाना था सनम

वो तेरे प्यार का गम इक बहाना था सनम

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वो तेरे प्यार का गम इक बहाना था सनम
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बॉलीवुड में रेखा जैसी एक्टर ना हुई है ना ही होगी, जिन्होंने अपनी पहली ही मूवी में गाड दिए बाक्स आफिस पर सफलता के झंड़े

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रेखा का जीवन और उनकी ‘सच्ची मोहब्बत’ की तलाश हमेशा से उनके प्रशंसकों और मीडिया के बीच एक गहरा और भावुक सब्जेक्ट रही हैरेखा का व्यक्तिगत और प्रेम जीवन हमेशा से रहस्यों और अधूरेपन की कहानियों से घिरा रहा है, जिसे लोग अक्सर सच्चा प्यार न मिलने के रूप में देखते हैं। रेखा के जीवन का सबसे चर्चित और गहरा अध्याय अमिताभ बच्चन के साथ उनका रिश्ता माना जाता है। हालांकि इस रिश्ते को कभी आधिकारिक पहचान नहीं मिली, लेकिन उनके चाहने वाले आज भी इसे एक अधूरी और गहरी मोहब्बत के रूप में देखते हैं। खा ने 1990 में दिल्ली के व्यवसायी मुकेश अग्रवाल से शादी की थी। लेकिन दुर्भाग्य से, शादी के कुछ ही महीनों बाद उनके पति ने खुदकुशी कर ली, जिससे रेखा को गहरा सदमा लगा। सच्चे प्यार की तलाश में भले ही उन्हें दुनिया से वह साथी नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी, लेकिन रेखा ने अपनी तन्हाई को ही अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने अपने अभिनय, योग, शायरी और सजने-संवरने की कला में खुद को पूरी तरह ढाल लिया।रेखा की कहानी हमें सिखाती है कि कभी-कभी जिंदगी में सब कुछ हासिल करने के बाद भी दिल का एक कोना खाली रह जाता है, लेकिन उस खालीपन को गरिमा (dignity) के साथ जीना ही उनकी सबसे बड़ी खूबी है।

कभी ठुकरा दिया था

रेखा की बात करें तो आज उनके पास चकाचौंध, नाम और शोहरत, धन दौलत सब कुछ है। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था। शुरू में बॉलीवुड के तमाम निर्माता जिन्हें सांवली और भद्दी कहकर काम देने से मना कर दिया करते थे, उस कलाकर ने अपनी पहली मूवी सावन भादो जिससे उन्होंने डेब्यू किया ने जब बॉक्स आफिस पर सफलता के झंड़े गाड़े तो तमाम निर्माताओं की रेखा के घर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने लगीं। जी हां आप सही समझे बात रेखा जैसी सुपर स्टार की हो रही है। पहली फिल्म साल 1970 में आई और फिल्म का नाम था ‘सावन भादों’। ये फिल्म जब आई तो फिल्म में रेखा लीड एक्ट्रेस में थीं और उस वक्त रेखा की उम्र महज 15-16 रही होगी।

गजब की एक्टिंग और सॉग

फिल्म सावन भादो में लीड रोल में नवीन निश्चल और रेखा थे। इस मूवी की स्टोरी जबरदस्त थी और गाने उससे भी ज्यादा सुपर हिट, इस मूवी का गाना कान में झूमका उसने तो सफलता का झंड़े गाड़ दिए थे। इसस गाने को रेखा और नवीन निश्चल (Naveen Nischol) के बीच में फिल्माया गया और इठलाती बलखाती रेखा की अदाओं ने फैंस के दिलों पर जादू किया और इस फिल्म के बाद रेखा सिनेमा का हिस्सा बन गईं। सालों से यह गाना आज भी खूब सुना जाता है और रेखा का ये पहली हिंदी फिल्म का गाना आज भी दर्शकों का फेवरेट है।

एक नजर में रेखा

रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 को चेन्नई में हुआ था। उनका पूरा नाम भानु रेखा गणेशन है। उनके पिता जैमिनी गणेशन और मां पुष्पावली दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने कलाकार थे। परिवार में आर्थिक तंगी और माता-पिता के बीच स्पष्ट रिश्तों की कमी के कारण उनका बचपन बहुत संघर्षपूर्ण रहा। शुरुआती दौर में उन्हें अपनी रंगत और वजन के लिए काफी ताने सुनने पड़े। 70 और 80 के दशक में रेखा का नाम अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ जुड़ा, जिसकी चर्चा मीडिया में हमेशा रही। इस रिश्ते पर कभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी, लेकिन इसे रेखा के जीवन का सबसे गहरा और अधूरा प्रेम प्रसंग माना जाता है।
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