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मांगे पूरी ना होने पर जतायी नाराजगी

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मांगे पूरी ना होने पर जतायी नाराजगी
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कर्मचारी नेताओं से की लंबी चर्चा, गोष्ठी में हुए शामिल,  मांगे पूरी ना होने पर जतायी नाराजगी

मेरठ। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय महासंघ प्रदेशाध्यक्ष शशि कुमार मिश्र एवं कार्यकारी अध्यक्ष राकेश अग्निहोत्री प्रदेशाध्यक्ष शशि कुमार मिश्र एवं कार्यकारी अध्यक्ष राकेश अग्निहोत्री की संयुक्त अध्यक्षता में आज नगर निगम मेरठ के जल-मल कर्मचारी संघ के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, गोष्ठी में प्रदेश शासन स्तर पर स्थानीय निकाय कर्मचारियों की सेवा संबंधी विभिन्न लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की पूर्ति के लिए पूर्व में महासंघ एवं कर्मचारी संगठनों द्वारा अनेक आंदोलन, बैठकें एवं शासन स्तर पर पत्राचार किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक मांगों के संबंध में कोई निर्णयात्मक एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है। बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद शासन स्तर से अपेक्षित सकारात्मक निर्णय न होने के कारण कर्मचारियों में रोष एवं असंतोष बढ़ रहा है। इसी क्रम में कर्मचारियों की लंबित मांगों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से अतिशीघ्र प्रदेश स्तर पर व्यापक एवं बड़े आंदोलन किए जाने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नगर निगम मेरठ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनीस अहमद, उपाध्यक्ष हरबीर सिंह, महामंत्री आलोक शर्मा, नगर निगम मेरठ सफाई मजदूर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनेश मनोठिया, जल-मल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह, महामंत्री फैय्याज हसन, उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा एवं संयुक्त मंत्री हँस राज सहित बड़ी संख्या में नगर निगम कर्मचारी उपस्थित रहे।

आगामी आंदोलन की रणनीति

बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने आगामी आंदोलन की रणनीति को लेकर अपने-अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए तथा कर्मचारियों की एकजुटता के साथ लंबित मांगों के लिए निर्णायक संघर्ष करने का संकल्प व्यक्त किया। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शासन स्तर पर कर्मचारियों की जायज एवं लंबित मांगों के संबंध में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के स्थानीय निकाय कर्मचारियों को लामबंद कर व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सूबे के कर्मचारियों की परीक्षा लेना बंद करे। कर्मचारी पूरी मेहनत और लगन से सरकार की मंशा के अनुसार प्रदेश के विकास में बराबर सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार का भी नैतिक कर्तव्य है कि जो कर्मचारियों की लंबित मांगे हैं उनको पूरा किया जाए। कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय महासंघ किसी प्रकार का टकराव या अशांति नहीं चाहता।महासंघ प्रदेश के विकास में सरकार के साथ बराबर का सहयोगी है, लेकिन महासंघ की अपने कर्मचारियों के प्रति जो जिम्मेदारियों ओर दायित्व हैं उनकी भी अनदेखी संभव नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को देरी किए बगैर कर्मचारियों की सभी मांगों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी केवल अपना जायज हक मांग रहे हैं। ये मांगे अरसे से लंबित हैं।
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