नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा पुलिस जांच में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट और वर्चुअल पेशी की मांग पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि राजनीति में आकर उन्हें अंडों से डर लगता है, जबकि स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां खाई थीं। इस टिप्पणी पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भड़क गए और सवाल किया कि क्या कोर्ट चाहती है कि हर कोई गोलियां खाए। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी है। क्रॉक्रोच पार्टी के तमाम समर्थकों ने दीपके की बात का समर्थन करते हुए महुआ मोइत्रा का बचाव किया है। वो खुलकर महुआ मोइत्रा के साथ नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसको लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है।
वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी और प्रक्रियात्मक आधार पर महुआ मोइत्रा की वर्चुअल पेशी की मांग को खारिज किया, लेकिन अदालत द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों से की गई तुलना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। इंटरनेट पर लोग इस फैसले और जजों की टिप्पणी को दो अलग-अलग नजरियों से देख रहे हैं।
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