सफाई कर्मियों को न तो अवकाश दिवसों में लिए गए कार्यो का भुगतान किया गया है, और न ही बोनस
मेरठ। लेबर कमिश्नर की जांच में नगर निगम व सेवा प्रदाता कंपनी, दोषी पाई गई है, उप श्रमायुक्त मेरठ की जांच के अनुसार, सफाई कर्मियों को न तो अवकाश दिवसों में लिए गए कार्यो का भुगतान किया गया है, और न ही बोनस एक्ट 1965 के अनुसार,बोनस का भुगतान किया गया है। लेबर कमिश्नर जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि नगर निगम मेरठ के प्रबन्धन में कार्यरत,श्रम कानूनों के विपरित आउटसोर्स दर्शाए जा रहें सफाई कर्मी, समान कार्य समान वेतन के भी हकदार हैं। नगर निगम पटल पर श्रम कानूनों के उल्लंघन के विषय में विधिक कार्यवाही के लिए सफाई कर्मचारी नेता व हिन्द मजदूर सभा के जिला मंत्री अपर जिलाधिकारी प्रशासन विजय वर्धन तोमर से मिले और उन्हें इसको लेकर ज्ञापन दिया।
ये हैं मांग
विनेश विद्यार्थी ने ज्ञापन में मांग की है कि नगर निगम पटल पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार के पत्रों और तत्संबंधी जिलाधिकारी के पत्रों पर कार्यवाही नहीं हुई है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार की सदस्या डा प्रो सुषमा गोडियाल के पत्र, लोकसभा सांसद अरुण गोविल के द्वारा लिखें गए पत्रों पर कार्यवाही नहीं होती है। नगर निगम पर दिव्यांग युवती सोनू कुमारी पुत्री स्व. सुरेश चंद्र, विधवा महिला पूजा पत्नी स्व. करण, और मृतक सफाई कर्मी महिला सुनीता की सेवा पुस्तिका गायब हो गई है, जिस फाइल को आज़ तक नहीं खोजा गया और न किसी को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्यवाही की गयी है यह बात भी एडीएम प्रशासन को बतायी गयी है।
महापंचायत की चेतावनी
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष शिव कुमार नाज़, नरेंद्र सागर,वाल्मीकि चेतना मंच के उ प्र अध्यक्ष सुरेंद्र ढीगिया,नरेश सिलेलान, उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के पूर्व महामंत्री कैलाश चन्दौला, पूर्व यूनियन अध्यक्ष प्रत्याशी दीपक मनोठिया, महामंत्री प्रत्याशी संजय नज़राना, अस्थाई सफाई कर्मी यूनियन के महामंत्री अंकुश महरोल, राजू मनोठिया रोहित आदि प्रशासन को महापंचायत की चेतावनी दी गयी है। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ यूनियन अध्यक्ष शिव कुमार नाज़ ने कहा है कि नगर निगम मेरठ में श्रम कानूनों का उल्लघंन किया जा रहा है, सफाई कर्मियों की आपूर्ति हेतु अलकनंदा, राधा कृष्णा कंपनियों से श्रम कानूनों का उल्लघंन कर, किया गया था, वर्तमान अग्रवाल कंपनी के पास भी रजिस्ट्रेशन, पंजीयन नहीं है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर नगरायुक्त व सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ एफआईआर के लिए थाना देहलीगेट में पूर्व में तहरीर दी गयी थी, लेकिन उस पर पुलिस ने अफसरों के प्रेशर में एफआईआर दर्ज नहीं की। शिव कुमार नाज़ ने कहा कि वह मेरठ कमिश्नरी के सभी जिलों के यूनियन नेताओं पंचायत की तारीख की शीघ्र घोषणा की जाएगी।
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