Home मेरठ महापौर का वार्ड गंगा नगर सर्वे में सबसे स्वच्छ
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महापौर का वार्ड गंगा नगर सर्वे में सबसे स्वच्छ

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महापौर का वार्ड गंगा नगर सर्वे में सबसे स्वच्छ
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मेरठ। स्वच्छ भारत मिशन के लिए सर्वे करने मेरठ पहुंची टीम महज चार दिन में ही वापस लौट गयी। दरअसल हुआ यह कि नगर निगम के पार्षदों को जब स्वच्छ भारत टीम के सर्वे के लिए पहुंचने की जानकारी लगी तो उनकी सुरागकशी शुरू कर दी। सूत्रों ने बताया कि पहले दिन तो सर्वे के लिए पहुंचे अधिकारियों की लोकेशन निगम पार्षद ट्रेस नहीं कर सके, लेकिन अगले दिन उस होटल का पता चला गया जिसमें निगम अफसरों ने टीम के अधिकारियों को ठहराया था। कुछ पार्षद उसी होटल में जा पहुंचे लेकिन वहां से टीम के अफसर निकल चुके थे। लेकिन होटल काउंटर से वहां ठहरे स्वच्छ भारत मिशन के टीम में शामिल अफसरों के मोबाइल नंबर जरूर मिल गए।
कुछ पार्षदों ने स्वच्छ भारत मिशन सर्वे टीम के मिला दिए। इनमें वार्ड पचास से संजय सिंह सैनी भी शामिल थे। सर्वे को अधिकारियों ने उन्होंने कहा कि होटल के कमरे में बैठकर सर्वे ना किए जाए, जो जमीनी हकीकत है उसकी रिपोर्ट भेजी जानी चाहिए। पार्षद ने यहां तक कह दिया कि उन्हें पता चला है कि स्वच्छ भारत सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने में खेल किया जा रहा है। बजाए ग्राउंड पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने के नगर निगम के उन अफसरों के इशारे पर रिपोर्ट तैयश की जा रही है जिन्होंने होटल में ठहरने का प्रबंध किया है। पार्षद ने बताया कि यह बातचीत काफी तल्ख रही। और सर्वे को पहुंचे अधिकारियों ने उसके बाद कूडा निस्तारण प्लांटों पर पहुंचने सरीखी तमाम बातें कहीं। लेकिन बाद में उन्होंने जिस होटल में ठहराया गया था उसको छोड़ दिया।
पार्षदों का आरोप है कि महानगर के वार्डों की जो स्थिति ग्राउंड पर है और जो रिपोर्ट भेजी गयी है उसमें खेल किया गया है। पार्षद संजय सिंह सैनी ने बताया कि सर्वे में नगर निगम के टॉयलेट भी दिखाए जाने थे। लेकिन नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय ना दिखाकर सुलभ इंटरनेशनल के शौचालायों पर आईडी लगाकर वो दिखाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इतना ही नहीं सर्वे के लिए वार्ड की जो रिपोर्ट तैयार की गयी उसमें भी झोल है। मसलन रिपोर्ट में महापौर का वार्ड ३७ सबसे स्वच्छ दिखाया गया है। पार्षद संजय सिंह ने बताया कि इसके लिए सर्वे करने वालों ने वार्ड ५० की फोटो यूतज की हैं। ऐसा अन्य वार्डों में भी किया गया है।
इन होटलों में ठहरे
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सर्वे करने के लिए पहुंचे अफसरों को शहर के जिन तीन होटलों में ठहराया गया था उनसे से दो काफी महंगे हैं। छावनी के बाउंड्री रोड स्थित होटल 22-बी और बाईपास स्थित होटल ग्रांडे-५ तीसरा होटल जिसमें ठहराने की बात पता चली है वो है होटल बसंत। पार्षद ने बताया कि ऐसी क्या वजह थी जो चार दिन के लि ए यहां सर्वे को पहुंची टीम को जल्दी-जल्दी तीन होटल बदलने पड़ गए।

 

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