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आवास विकास के नोटिसों के विरोध में धरना

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आवास विकास के नोटिसों के विरोध में धरना
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मेरठ। आवास विकास के नोटिसों के विरोध में कई दिन से धरने पर बैठीं शास्त्री नगर की महिलाओं को राहत की दरकार है। आवास विकास परिषद के सैटबैक के नोटिसों को लेकर शास्त्रीनगर सैक्टर दो व चार में धरना दे रही महिलाओं को राहत भरी खबर का ब्रेसबी से इंतजार है। उनका कहना है कि इतने दिनों से धरना जारी है, लेकिन सरकार को उनकी मुसीबत नहीं दिखाई दे रहे हैं। अब बहुत हो चुका है। बगैर देरी किए सरकार को तुरंत का एलान करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर धरना दे रही महिलाओं को राहत का इंतजार है और आवास विकास परिषद लगातार नोटिस भेज रहा है, केवल इतना बदलाव हुआ है कि हंगामे के चलते अब आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नोटिस चस्पता कराने के कोरियर से नोटिस भिजवाने शुरू कर दिए हैं। लेकिन नोटिस पर कोई रोक लग गयी है ऐसा बिलकुल नहीं है। जिन भवनों पर सैटबैक के नोटिस भेजे गए हैं उनके स्वामी चाहते हैं कि नोटिस बगैर किसी शर्त के वापस लिए जाने चाहिए, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। भाजपा सांसद के किसी अधिवक्ता के जरिये जो शास्त्रीनगर के उन मकानों को लेकर जिन्हें सैटबैक के नोटिस दिए गए हैं, उनकी ओर से जो जिस रिट को सुप्रीमकोर्ट में दायर किए जाने की बात सुनने में आ रही थी, चर्चा है कि वो रिट मैरिट के आधार पर खारिज कर दी गयी। हालांकि इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर शास्त्रीनगर सैंट्रल मार्केट को लेकर जो सोशल मीडिया ग्रुप बने हुए हैं, उन पर यह खबर वायरल है। वहीें दूसरी ओर इस मामले में यानि आवास विकास परिषद की कृत कार्रवाई पर जो सुनवाई होगी वो १४ जुलाई को होनी है। उसमें आवास विकास परिषद के अफसरों को कोर्ट के आदेश पर जिन मकानों पर सील लगायी है तथा जिन्हें नोटिस दिए गए हैं उन पर कार्रवाई का स्टेट सुप्रीमकोर्ट में बताना है। लेकिन आवास विकास परिषद के अफसर अभी तक कोरियर से नोटिस भेजने या फिर मकानों पर चस्पा करने से आगे नहीं बढ़ा पाए हैं। जितने भी मकानों पर सेटबैक के नोटिस चस्पा किए गए हैं उनमें से किसी में भी सैटबैक के नाम पर तोड़फोड़ नहीं की गयी है। लेकिन गाहे बगाहे आवास विकास परिषद का स्टाफ धरना देने वालों पहुंच लोगों से खुद ही सैटबैक के नाम पर तोड़फोड़ का आग्रह करता है। सैटबैक के नोटिसों के खिलाफ शास्त्रीनगर में दो स्थानों सैक्टर दो व चार में महिलाओं का धरना चल रहा है। नोटिस का विरोध करने वालों ने इस मामले में पैरवी के लिए अब एक कमेटी का भी गठन कर दिया है। यह कमेटी कोर्ट में कानूनी लड़ाई के अलावा यदि स्थानीय स्तर पर भी कोई कार्रवाई की जाती है उससे भी निपटने का काम करेंगी। यह कहना है सुदीप जैन का आवास विकास के नोटिसों के खिलाफ शास्त्रीनगर के परिवारों की ओर से सुप्रीमकोर्ट में पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद से पैरवी कराने की बात करने वाले सुदीप जैन ने बताया कि 14 जुलाई को होने वाली सुनवाई में सलमान खुर्शीद एपियर होंगे और पीड़ित परिवारों की ओर से पक्ष रखेंगे। सुप्रीमकोर्ट में १४ जुलाई की सुनवाई के बाद तस्वीर साफ हो सकेगी।
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