मेरठ। सेंपलिंग से पहले इस प्रक्रिया की खामियां यदि दुरूस्त कर ली जाए तो बेहतर हाेगा। यह कहना है उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल का। जिन्होंने आज सहायक आयुक्त ग्रेड – 2 खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के जरिये एक ज्ञापन सीएम योगी को भेजा।
फाॅर्म पांच क तक नहीं
लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में जो ज्ञापन दिया गय है उसमें कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम प्रदेश में कहीं भी सेंपल भरे जाते समय रिटेलर के साथ-साथ निर्माता को भी पार्टी बनाया जाता है परंतु निर्माता को सैंपल भरे जाते समय जारी किया गया फॉर्म 5 क नहीं भेजा जाता अतः आपसे अनुरोध है सैंपल भरते समय निर्माता को पार्टी बनाए जाने की दशा में फार्म 5 क निर्माता के पते पर पंजीकृत डाक द्वारा तुरंत भेज जाना आवश्यक है। नकली व डुप्लीकेट सामान के समाचार रोजाना समाचार पत्रों से प्राप्त होते हैं इसलिए आपसे अनुरोध है कि रिटेलर या होलसेलर द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर ही निर्माता को सैंपल भरते समय पार्टी बनाया जाए।
लोकेश अग्रवाल ने कहा कि सैंपल की जांच रिपोर्ट महीनों में प्राप्त होती है जबकि खाद्य सुरक्षा में मानक अधिनियम मैं जांच कर 14 दिन में सैंपल की रिपोर्ट भेजे जाने का प्रावधान किया गया है अतः आपसेअनुरोध उत्तर प्रदेश की सभी राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशाला द्वारा नमूना प्राप्त होने के बाद 14 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था कराई जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें। अभीहीत अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के लंबे समय बाद केंद्रीय प्रयोगशाला द्वारा पुनः जांच के लिए भेजे जा रहे पत्र जहां से रिपोर्ट प्राप्त होने के महीना बाद भेजे जा रहे हैं जिससे जांच किए जाने वाले खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट निकल जाती है और पुनः जांच का कोई औचित्य नहीं रह जाता अपने आप से अनुरोध देखी अभीहित अधिकारीयो को निर्देश करने की कृपा करें की सैंपल भरे जाने के बाद राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशाला से शीघ्र रिपोर्ट प्राप्त कर नमूना फेल आने की दशा में पुनः जांच के लिए धारा 46 (4)का का पत्र तुरन्त जारी करने के आदेश पारित करने की कृपा करें। खाद्य पदार्थों को नष्ट करने या जप्त करने की कार्रवाई केंद्रीय जन विश्लेषण प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद करें क्योंकि केंद्रीय जन विश्लेषण प्रयोगशाला से नमूना पास आने के बाद व्यापारी की नुकसान की भरपाई करने की कोई व्यवस्था विभाग द्वारा निर्धारित नहीं की गई है। राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशालाओं द्वारा नमूने में कोई भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तु प्राप्त न होने के बाद भी नमुनो को मनमर्जी तरीके से असुरक्षित घोषित किया जा रहा है। मनको में कमी पाई जाने पर नमूने को अधोमानक घोषित किया जाए नमूने में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तु पाए जाने पर नमूने को असुरक्षित घोषित किया जाये। तुरंत न्याय के लिए खाद सुरक्षा व मानक अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत मामूली वादों के लिए शमन की व्यवस्था लागू की जाय जिससे व्यापारियों को न्याय मिल सकेगा तथा अनावश्यक वादों का भार भी सरकार के सिर से समाप्त होगा।
खाद सुरक्षा में मानक अधिनियम में अधोमानक पाए जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति न्याय निर्धारण अधिकारी के तौर पर की गई है प्रशासनिक अधिकारी के अन्य राजकीय कामों में व्यस्त रहने के कारण न्याय निर्धारण में हो रही देरी को रोकने के लिए पूर्ण कालिक न्याय निर्धारण अधिकारी जिसे खादय सुरक्षा मानक अधिनियम की पूरी जानकारी हो एसे न्याय निर्धारण अधिकारी की नियुक्ति किए जाने की व्यवस्था की जाए। सभी निर्माताओं द्वारा प्रत्येक 6 माह में खाद्य पदार्थ की जांच सरकार द्वारा निर्धारित एन ए बि एल लैब द्वारा कराकर पोर्टल पर अपलोड की जाती है जिसकी पूर्ण सूचना विभाग के पास उपलब्ध होती है इसलिए निर्माता के सील बंद पैकिंग के लिए की जारी छापेमारी कार्रवाई बंद की जाने की निर्देश जारी करें।
प्राइवेट लैब से जांच क्यों
नमूने भरे जाने के बाद प्राइवेट लैब से जांच कर कर निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो बिल्कुल गलत है प्राइवेट लैब से जांच कर कर निर्माता के खिलाफ की गई कार्रवाई को समाप्त करने के आदेश पारित करने की कृपा करें। खेतों में रासायनिक खाद में कीटनाशक डालने की मानक तय नहीं है अंधाधुंध रासायनिक खाद व कीटनाशकों का प्रयोग रोकने का कोई साधन नहीं है इसलिए खाद पदार्थों के मानक नए सिरे से तय किये जाएं। पिछले काफी समय से सरकार द्वारा सर्वे सैंपल भरे गए हैं आपसे अनुरोध देखी सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा सर्वे सैंपलों के आधार पर नए सिरे से मानक तय किये जाए।
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