नई दिल्ली/इंदौर। भोजशाला कोई मस्जिद नहीं। वह मां सरस्वती या कहें वां वाग्देवी का प्राचीन मंदिर है। हिन्दू संप्रदाय के लोग वहां पूजा अर्चना कर सकते हैं। मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट की डबल बैंच ने अपने आदेश में यह बात कही। इस आदेश के बाद राज्य भर में सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की गयी है। अदालत ने मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक जमीन खोजने का सुझाव दिया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन के बाद यह फ़ैसला सुनाया है, लेकिन यह इतना आसान नहीं था। इसके लिए भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण के अफसरों ने काफी मेहनत की। कोर्ट ने फैसला देने के साथ ही हिन्दुओं को पूजा का अधिकार दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि कमाल मौला मस्जिद नहीं बल्कि भोजशाला मां सरस्वती मां वाग्देवी का मंदिर है।
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