मेरठ/ सीसीएसयू के नेता जी सुभाषचंद सभागार में अंतिम स्वीकृति के लिए नगर निगम बोर्ड की बजट बैठक में रखे गए 1831 करोड़ रुपयों के बजट के प्रस्ताव को बगैर किसी चर्चा के महज दस मिनट में पास कर दिया गया। बोर्ड बैठक में महापौर व भाजपा पार्षदों के रवैये से नाराज एआईएमआईएम पार्षद फजल करीम व रिजवान अंसारी ने वॉकआउट कर दिया। बोर्ड बैठक से जाने के बाद भाजपा के कुछ पार्षदों ने उनके लिए अपशब्द कहे। हालांकि भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ ने मंच पर मौजूद महापौर हरिकांत अहलूवालिया से कहा कि यदि इसी तरह बैठक करनी है तो पार्षदों को बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि बजट पहले ही कार्यकारिणी में सभी की सहमति से पारित हो चुका है, इसलिए इस पर चर्चा जरूरी नहीं। केवल समय ही बर्बाद किया जा रहा है। नगरायुक्त सौरभ गंगवार भी मौजूद थे। बैठक में लगभग 50 पार्षद और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव बजट पढ़ने के लिए मंच पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बोलने का मौका दिए बिना ही बजट को पास घोषित कर दिया गया।
भाजपा पार्षदों ने जतायी नाराजगी
बगैर चर्चा के जिस प्रकार से बजट पास कर दिया गया, उससे भाजपा के कई पार्षद नाराज नजर आए। उन्होंने नाम ना छापे जाने की शर्त पर आरोप लगाया कि महापौर और कार्यकारिणी अफसरों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गए हैं। फजल विपक्ष के पार्षद है लेकिन हम लोग पार्टी अनुशासन से बंधे हैं, लेकिन चर्चा जरूर की जानी चाहिए थी, यही तो फजल व रिजवान भी चाहते थे। चर्चा से भागना क्यों। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहले ही तय हो चुका था कि बजट पर चर्चा नहीं करनी है। ::::::::::::::::::::::::
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