रुद्रपुर। शहर के प्राचीन अटरिया देवी मंदिर में आयोजित वार्षिक अटरिया मेले का शुभारंभ महापौर विकास शर्मा ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया। उन्होंने नारियल फोड़कर और फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान मंदिर परिसर “अटरिया माता की जय” के जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
उद्घाटन समारोह में मंदिर कमेटी द्वारा महापौर का भव्य स्वागत किया गया। उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया। महापौर ने अटरिया माता के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की और मेले में लगी दुकानों का निरीक्षण कर व्यापारियों का उत्साह बढ़ाया।
इस मौके पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि अटरिया मेला हमारी प्राचीन सनातन परंपराओं का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने मंदिर के पौराणिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि माता की कृपा से ही क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है। यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का दर्पण है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और समरसता को मजबूत करते हैं। साथ ही “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा देते हुए छोटे व्यापारियों और हस्तशिल्पियों को रोजगार का अवसर भी प्रदान करते हैं। दूर-दराज से आए व्यापारियों के लिए यह मेला एक बड़ा मंच साबित होता है।
महापौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने नगर निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। त्रिशूल चौक के बाद जल्द ही डमरू चौक और गंगापुर रोड पर शिव कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे शहर को नई धार्मिक पहचान मिलेगी। इस दौरान महंत ऊषा देवी, पंकज गौर, राजेश कामरा सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Leave a comment