प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बड़ा हादसा हुआ है। फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव में प्रयागराज‑लखनऊ राजमार्ग के किनारे स्थित सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस टैंक फटने से धमाके के साथ पूरी इमारत ढह गई। ध्वस्त होते कोल्ड स्टोर में काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। राहत‑बचाव अभियान देर शाम तक जारी रहा।
हादसा कैसे हुआ
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर को कोल्ड स्टोर के अंदर जर्जर छज्जे के नीचे अमोनिया पाइप/टैंक फट गया। तेज धमाके और तीव्र आवाज से इमारत की दीवार और छत भरभरा कर गिर गई। एक ही क्षेत्र में लगभग 20 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें अधिकांश मलबे में दब गए।
तीन मौत, नौ की पुष्टि, चौदह घायल
रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाले गए लोगों में से तीन की मौत दोपहर‑देर शाम के बीच पुष्ट हुई, बाद में संख्या बढ़कर कम से कम नौ तक पहुंच गई। स्रोत बताते हैं कि मृतक बिहार के सहरसा जिले के मजदूर थे; एक की पहचान सहरसा के ज्योतिष के रूप में हुई। चौदह से अधिक घायल अस्पताल पहुंचाए गए, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी की मदद एसआरएन (लारिया अस्पताल) परिसर से की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार सहित तमाम अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें, दर्जनभर से अधिक जेसीबी तथा फाफामऊ व आसपास के कई थानों का पुलिस बल बचाव कार्य में लगा। गैस रिसाव के कारण मलबे में काम करने की स्थिति नाज़ुक रही। देर शाम तक मलबे हटाने का काम जारी था।
हाईवे पर आवागमन ठप, स्थानीय गुस्सा
हादसे से बर्बाद कोल्ड स्टोर के कारण मलाक हरहर के पास लखनऊ‑प्रयागराज हाईवे पर वाहनों का आवागमन कई घंटे तक ठप रहा। ग्रामीणों सहित स्थानीय लोग सपा नेता के संचालित कोल्ड स्टोर पर भारी आक्रोश जता रहे हैं। पुलिस ने परिसर और अंसार अहमद के परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
भारी दामने उतरे, तेज़ गैस की महक से आसपास के लोग बेहाल
दीवार गिरने के कारण माहौल में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। तेज गंध और धुंध से आसपास के लोगों की सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई। गैस के कारण मलबे पर हाथ‑से‑काम लगभग असंभव हो गया, इसलिए जेसीबी और रोप‑वे का उपयोग ज़्यादा किया गया।
पीएम व सीएम ने बढ़ाई मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया और प्रधानमंत्री राहत निधि (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घरे पर हुए हादसे को ‘हृदयविदारक’ बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और राज्य कोष से मृतक परिजनों को 2‑2 लाख रुपये, घायलों के लिए तत्काल उच्चवर्ग इलाज, तथा जांच पर सख्त निर्देश दिए हैं।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि यह कोल्ड स्टोर मुख्य रूप से आलू संरक्षण के लिए उपयोग होता था। इस हादसे ने यूपी सरकार के सामने पुराने उद्योग संचालन‑नियमन और सुरक्षा नीतियों से जुड़े सवाल फिर से खड़े कर दिए हैं।
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