जातीय जनगणना-2027 में ओबीसी के लिए स्पष्ट जाति सूची एवं ड्रॉपडाउन व्यवस्था की मांग
मेरठ। कांग्रेस ओबीसी ने आज आरक्षण प्रकरण को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारी कांग्रेसी योगी जाटव व पीताम्बर सिंह प्रजापति प्रदेश उपाध्यक्ष ओबीसी विभाग के नेतृत्व में प्रदर्शन के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से किया गया। ज़िला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग द्वारा जातीय जनगणना-2027 में ओबीसी के लिए स्पष्ट जाति सूची एवं ड्रॉपडाउन व्यवस्था की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज़िला प्रवक्ता सय्यद आमिर रज़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार जाति संबंधी जानकारी जनगणना के दूसरे चरण में ली जाएगी। ओबीसी देश की बड़ी आबादी है। यदि जातिगत आंकड़े व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रमाणित तरीके से दर्ज नहीं किए गए तो भविष्य में ओबीसी वर्ग की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का सही आकलन करना कठिन होगा। जनगणना में पहले से मौजूद जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराई जाए तथा प्रगणकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, जिससे जातियों के नाम दर्ज करने में किसी प्रकार की गलती या मनमानी न हो। ज़िला अध्यक्ष ओबीसी विभाग उस्मान तोमर ने कहा कि ओबीसी के आंकड़ों में किसी तरह की अस्पष्टता स्वीकार नहीं कांग्रेस लगातार सामाजिक न्याय, समान अवसर और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की बात करती रही है। “जनगणना देश की नीतियों का आधार होती है। इसलिए ओबीसी वर्ग से संबंधित आंकड़ों में किसी भी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए सरकार ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे जिसमें प्रत्येक जाति की पहचान और संख्या प्रमाणित एवं पारदर्शी तरीके से दर्ज हो सके।”सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार आरक्षण, शिक्षा, रोजगार, संस्थानों में प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं से जुड़ी प्रभावी नीतियां बना सकती है। जिला कांग्रेस कमेटी मेरठ ने चेतावनी दी कि ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी और उसके अधिकारों से जुड़े आंकड़ों में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता सामाजिक न्याय के उद्देश्य को कमजोर करेगी।
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