12 विकासखंडों और 13 नगर पंचायतों में सुबह 7 बजे से चला अभियान, डीएम डॉ. वी.के. सिंह ने राम मनोहर लोहिया पार्क में रोपा हरिशंकरी पौधा
मेरठ। पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेरठ में बुधवार, 9 सितंबर 2026 को हरिशंकरी पौधारोपण अभियान का व्यापक आयोजन किया गया। जिले के 12 विकासखंडों एवं 13 नगर पंचायतों में सुबह 7 बजे से एक साथ पौधारोपण कार्यक्रम शुरू हुआ। विभिन्न गांवों, वार्डों एवं निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर पीपल, बरगद और पिलखन के पौधों का सामूहिक रोपण कर पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान का स्वरूप दिया गया। इस कार्यक्रम में डीएम डा. वीके सिंह व सीडीओ नूपुर गोयल के अलावा डॉ सुमित उपाध्याय, पवन त्यागी, अधिवक्ता संजीव कुमार, मनोज गोयल, सतीश इंसान रहे मैजूद l यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पौधों के संरक्षण, सिंचाई, सुरक्षा एवं नियमित देखभाल को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। प्रशासन, वन विभाग, नगर निकाय, विकासखंडों तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय संगठनों के सामूहिक प्रयास से जिले में कुल 780 हरिशंकरी पौधों का रोपण किया गया।
प्रशासन के नेतृत्व में चला व्यापक अभियान
हरिशंकरी पौधारोपण अभियान जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नूपुर गोयल, आईएएस के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। डीएफओ सुश्री वंदाना फोगाट, नोडल अधिकारी, की देखरेख में पौधों की उपलब्धता, वितरण एवं रोपण की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) ने अपने-अपने क्षेत्रों में पौधारोपण के लिए स्थान चिह्नित कर कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया। विकासखंड स्तर पर अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम स्तर के प्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर पौधारोपण कार्यक्रम को गति दी। अभियान का उद्देश्य जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ऐसे वृक्षों की संख्या बढ़ाना है जो लंबे समय तक पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राम मनोहर लोहिया पार्क में डीएम ने रोपा हरिशंकरी
जेल रोड स्थित राम मनोहर लोहिया पार्क में जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह ने स्वयं हरिशंकरी का पौधा रोपकर अभियान का संदेश दिया। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधे के संरक्षण एवं नियमित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नूपुर गोयल, आईएएस, श्रीमती लवी त्रिपाठी, नगर निगम के अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरणीय संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नगर निगम की ओर से श्री पंकज तथा हॉर्टिकल्चर ऑफिसर सुनील सोम का आयोजन एवं पार्क में पौधारोपण व्यवस्था में विशेष योगदान रहा। लोक भारती के उपाध्यक्ष गौरव देशवाल ने बताया कि पार्क में पहले से ही हरियाली का बेहतर रखरखाव किया जा रहा है तथा हरिशंकरी के रोपण के बाद इसके संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है हरिशंकरी?
हरिशंकरी कोई एक वृक्ष प्रजाति नहीं, बल्कि पीपल, बरगद और पिलखन के सामूहिक रोपण की एक पर्यावरणीय अवधारणा है। भारतीय परंपरा में इन वृक्षों का विशेष महत्व रहा है और आधुनिक पर्यावरणीय दृष्टि से भी ये वृक्ष जैव विविधता तथा हरित आवरण के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पीपल, बरगद और पिलखन जैसे बड़े एवं दीर्घजीवी वृक्ष वातावरण में हरियाली बढ़ाने, छाया उपलब्ध कराने तथा पक्षियों और अनेक जीव-जंतुओं के लिए आश्रय एवं भोजन उपलब्ध कराने में सहायक होते हैं। इनके व्यापक वृक्ष-आवरण से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलती है। विशेष रूप से बरगद जैसे विशाल वृक्ष समय के साथ बड़ा छायादार क्षेत्र विकसित करते हैं, जबकि पीपल और पिलखन भी शहरी एवं ग्रामीण परिदृश्य में महत्वपूर्ण हरित संपदा के रूप में विकसित हो सकते हैं। इसीलिए हरिशंकरी का सामूहिक रोपण जैव विविधता, हरित आवरण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूत करने की दिशा में दीर्घकालिक पहल माना जा रहा है। यह पहल बढ़ते शहरीकरण, तापमान में वृद्धि, घटते हरित क्षेत्रों और बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच स्थानीय स्तर पर हरियाली बढ़ाने का प्रयास भी है।
पौधा लगाने से आगे—पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें केवल पौधारोपण पर नहीं, बल्कि पौधों के जीवित रहने और वृक्ष बनने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों से पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा, ट्री-गार्ड, निगरानी तथा आवश्यकतानुसार देखभाल सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई। अभियान का मूल संदेश यही रहा कि एक पौधा लगाना शुरुआत है, जबकि उसे सुरक्षित रखकर बड़ा वृक्ष बनाना वास्तविक पर्यावरण सेवा है। हरिशंकरी अभियान को सफल बनाने में लोक भारती के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरणीय संस्थाओं, समाजसेवियों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ये रहे सहयोगी
अभियान में शिव कुमार, मनोज गोयल, डॉ. प्रमोद भारद्वाज, शिवेंद्र बेम्बी, कृष्ण गोपाल भारद्वाज, श्रीमती कुसुम शर्मा, श्रीमती अंजू पांडे, श्रीमती कल्पना पांडे, एडवोकेट संजीव कुमार तथा एबीवीपी से ललित सैनी ने विशेष योगदान दिया। पर्यावरण गतिविधि से जुड़े पवन त्यागी, ऋषिपाल सैनी, ललित गोयल एवं मयंक त्यागी ने पूरे जिले में विभिन्न क्षेत्रों के बीच प्रभावी समन्वय करते हुए अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किचन गार्डन की श्रीमती साधना गर्ग एवं श्रीमती मनीषा सर्राफ, आर्ट ऑफ लिविंग से निकुंज गर्ग, आईएमए मेरठ की अध्यक्षा डॉ. मनीषा त्यागी तथा गायत्री परिवार से प्रियंक सिंघल ने भी सक्रिय सहभागिता की। हरितिमा पर्यावरण संस्था की ओर से डॉ. तरुण गोयल, डॉ. सुमित उपाध्याय एवं ऋषि मित्तल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं गायत्री परिवार डा सूरज प्रकाश एवं डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण एवं जनभागीदारी में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
“हर गांव, हर वार्ड—हरियाली का संकल्प”
9 सितंबर का यह अभियान मेरठ में प्रशासन और समाज की साझेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया। एक ओर जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने पौधों की उपलब्धता और वितरण से लेकर रोपण तक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवकों ने इसे जनभागीदारी से जोड़ने का कार्य किया। 780 हरिशंकरी पौधों का रोपण एक संख्या मात्र नहीं, बल्कि मेरठ के भविष्य के लिए हरित निवेश है। आज लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में छाया, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन के आधार बन सकते हैं। अभियान ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक गांव, प्रत्येक वार्ड और प्रत्येक सार्वजनिक स्थल पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, तो यह पहल आने वाले वर्षों में मेरठ के हरित परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकती है। “हर गांव, हर वार्ड—हरियाली का संकल्प” के संदेश के साथ 9 सितंबर का हरिशंकरी अभियान पौधारोपण से आगे बढ़कर प्रकृति संरक्षण और जनभागीदारी की एक स्थायी पहल के रूप में सामने आया।
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