राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रयासों से संभव हो सकी ओपीडी की शुरूआत, सांसद निधि से 21 लाख
मेरठ। कैंट बोर्ड द्वारा संचालित किए जाने वाले कैनटोनमेंट हॉस्पिटल में आम आदमियों के लिए ओपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी। यहां नाक कान गला (ईएनटी), चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू हो जाएगी।महीने के प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक विशेषज्ञ डाॅक्टर उपलब्ध रहेंगे। यही नहीं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी जल्द शुरू होगा। जिसमें 80 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं मुहैया हो सकेंगी। मरीजों को टेली मेडिसिन के जरिए दिल्ली के कैंट जनरल अस्पताल के विशेषज्ञ डाक्टरों से परामर्श भी मिल सकेगा। इसकी शुरुआत हो गई है। गुरुवार को कैंट बोर्ड में आयोजित बैठक में राज्यसभा सदस्य डाॅक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेयी और छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी जाकिर हुसैन ने दी। राज्यसभा सदस्य डाक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा की करंट जनरल अस्पताल का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। इसका वैभव फिर से वापस लाया जाएगा। इसी कड़ी में चार प्रमुख विशेषज्ञों की ओपीडी शुरू करना पहला प्रयास है। जल्द ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी खुल जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर जल्द निरीक्षण करेंगे। इसके लिए एनओसी मिल चुकी है। 30 बेड का अस्पताल है, आगे और सुविधाओं का प्रयास किया जाएगा। सात महीने के प्रयास में यह सुविधा संभव हो पायी है। राज्यसभा सदस्य डाक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेई ने उपकरणों के लिए अपनी निधि से 21 लाख रूपये उपलब्ध कराएं हैं। जिससे अस्पताल में कार्डियक मॉनिटर, एक्स-रे, पैथोलाजी के उपकरण, आपरेशन से संबंधित अत्याधुनिक उपकरणों की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के इस विस्तार से मेरठ कैंट क्षेत्र और शहर को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।
चार प्रमुख विशेषज्ञ डाॅक्टरों की सेवाएं
बैठक के दौरान सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि कैंट जनरल अस्पताल में चार प्रमुख विशेषज्ञ डाॅक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। जिसमें डाॅक्टर अंकिता चौधरी चर्म रोग विशेषज्ञ, डाॅक्टर सुधाकर जैन हड्डी रोग विशेषज्ञ, डाॅक्टर सुमित उपाध्याय (ईएनटी) व डाॅक्टर मानिक जैन प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ सेवाएं देंगे। कैंट बोर्ड की तरफ से प्रति ओपीडी 2500 रुपए मानदेय दिया जाएगा। यह विशेष स्वास्थ्य सुविधा आठ सितंबर से आम जनता के लिए प्रभावी होगी। मरीज प्रत्येक सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को सुबह नौ बजे से 11 बजे के बीच कैंट जनरल अस्पताल में इन डाक्टरों से परामर्श ले सकेंगे।
सुविधाओं का किया विस्तार
वर्ष 1892 में एक डिस्पेंसरी के रूप में शुरू हुआ और 1950 में अस्पताल के रूप में परिवर्तित हुआ। कैंट जनरल अस्पताल लगातार अपनी सेवाओं को बेहतर बना रहा है। अस्पताल में पूर्व से उपलब्ध फिजिशियन और सर्जन के अतिरिक्त अब आई एम ए मेरठ के सहयोग से इन विशेषज्ञों की परामर्श सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा अस्पताल में दिल्ली से टेली-मेडिसिन के जरिए विशेषज्ञों का परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। करीब एक महीने में 140 मरीजों को परामर्श दिया गया।
आईएमए का सहयोग
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का इसमें बड़ा सहयोग है। दिल्ली के कैंट अस्पताल में 40 बेड हैं और वहां 39 चिकित्सक हैं। प्रयास किया गया तो वहां के विशेषज्ञ चिकित्सक मेरठ के कैंट अस्पताल के मरीजों को टेली मेडिसिन के माध्यम से परामर्श देने को तैयार हुए ये सुविधा शुरू हो चुकी है। यदि किसी मरीज को वहां रेफर कर उपचार की जरूरत पड़ी तो यह भी हो सकेगा।बैठक में मौजूद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेरठ की अध्यक्ष डाक्टर मनीषा त्यागी ने कहा कि आईएमए मेरठ पूरा सहयोग करेगा। चार विशेषज्ञ डॉक्टर की मांग की गई थी, जब हमने अपने ग्रुप में जानकारी डाली तो कई सारे डॉक्टर ने यह कहते हुए अपनी सहमति दी कि उनका लगाव इस अस्पताल से बचपन से है।
ये रहे मौजूद
बैठक में डॉक्टर ऋषि भाटिया, डॉक्टर सुमित उपाध्याय, डॉक्टर सुधाकर जैन, डॉक्टर मानिक जैन, छावनी परिषद की ओर से सहायक अभियंता पीयूष गौतम, प्रेस प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर मौजूद रहे। डाॅक्टर असीम रस्तोगी ने उपकरणों की जानकारी दी।
Leave a comment