अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नीतिगत फैसले और बोर्ड की सर्वोच्च सत्ता ट्रस्टियों के पास ही रहेगी
नई दिल्ली। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नीतिगत फैसले और बोर्ड की सर्वोच्च सत्ता ट्रस्टियों के पास ही रहेगी। स्वामी गोविंद देव गिरि जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी ट्रस्ट में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसलिए संघ या वैचारिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग बाहर नहीं हो रहे हैं, बल्कि प्रबंधन को पेशेवर और पारदर्शी बनाने के लिए एक कार्यकारी पेशेवर (एग्जीक्यूटिव) नेतृत्व जोड़ा गया है। जितेंद्र मिश्रा को 5,500 से अधिक आवेदनों की एक पारदर्शी और कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद चुना गया है। उन्हें केवल नाममात्र का पद नहीं दिया गया है, बल्कि मंदिर के दान प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और दैनिक संचालन को व्यवस्थित करने की वास्तविक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अयोध्या पहुंचे जितेन्द्र मिश्रा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र गुरुवार को अयोध्या पहुंचे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से लोगों ने उनका स्वागत किया। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ की नियुक्ति के बाद अयोध्या का यह मेरा पहला दौरा है। पहले मैं जाकर अपना पद संभाल लूं। उसके बाद ही योजनाओं के बारे में बताऊंगा।
ट्रस्टियों से मुलाकात
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरी गुरुवार को भी वैदेही भवन में थे। ट्रसट के तमाम पदाधिकारी सुबह वैदेही भवन पहुंचें। वहां सभी की महासचिव के साथ राम मंदिर के नए सीईओ जितेंद्र मिश्र से मुलाकात की। जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। करीब चार दशक तक वायुसेना में सेवा देने के बाद वे इसी वर्ष 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। राम जन्मभूमि पहुंचने के बाद उनकी पहली गतिविधियों और ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था पर अब निगाहें टिकी हैं।
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