तीन शर्तों के सामने असहज नजर आए एडीएम सिटी व एसपी सिटी, बड़ी संख्या में जुटे बंद समर्थक व्यापारी, शहर के व्यापारियों की अब एक मात्र संस्था नहीं रह गया संयुक्त व्यापार संघ
मेरठ। आवास विकास की सेटबैक कार्रवाई के खिलाफ बंद की कॉल देने वालों और प्रशासन के मुनाइदों एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह व एसपी सिटी विनायक भोसले के साथ वार्ता अभी अटक गयी है। वहीं दूसरी ओर व्यापारियों ने गुरूद्वारा रोड पर धरना शुरू कर दिया है। जिस तरह से तामझाम जुटाए गए हैं उससे लगता है कि इस बार पूरी तैयारियों के साथ लंबे वक्त तक बैठने का इरादा व्यापारी रखते हैं। एडीएम सिटी और एसपी सिटी शाम को धरना स्थल पर पहुंचे। रविन्द्र गुजर व कुछ अन्य के साथ वह डा. अशोक गर्ग के नर्सिंगहोम में वार्ता के लिए बैठे। व्यापारियों ने तीस शर्तें अधिकारियों के सामने रखीं जिसमें पहली शर्त सीएम योगी के साथ वार्ता, दूसरी शर्त आवास विकास के अफसर राहुल का सस्पेंशन और तीसरी शर्त 21 सितंबर तक जब तक मामले की सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई होनी है तब तक किसी भी भूखंड पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई ना की जाए। तीनों ही शर्तें बेहद कठोर मानी जा रही हैं। दोनों अधिकारी शासन को अवगत कराने की बात कहकर वहां से निकल गए। जबकि प्रदर्शनकारियों ने गुरूद्वारा रोड पर धरना शुरू कर दिया है।
झमाझम बारिश में रहे डटे
आवास विकास के सेटबैक नोटिसों के खिलाफ मेरठ बंद का कॉल देने वालों का हौसल अचानक मौसम का बिगड़ा मिजाज भी नहीं तोड़ सका। शहर के गढ़ रोड, शास्त्रीनगर व सेंट्रल मार्केट के अलावा हापुड़ रोड और उससे सटे इलाकों में बंद का व्यापक असर देखा गया। दिल्ली रोड माधवपुरम में भी बंद रहा। हालांकि आबूलेन, सदर, गंज बाजार, सदर सर्राफा बाजार, बोम्बे बाजार, पीएल शर्मा रोड, बुढानागेट, कंकरखेड़ा सरीखे बाजार जहां के व्यापार संघ में संयुक्त व्यापार संघ चलाने वालों के करीबी काविज हैं वहां बाजार खुले रहे। बेगमपुल इसलिए बंद रहा क्योंकि बुधवार को साप्ताहिक छुट्टी होती है, हालांकि इस दौरान तमाम दुकानें खुली भी रहीं। इसके अलावा सुभाष बाजार बंद होने का दावा किया गया लेकिन वहां दुकानें खुली देखी गयीं। आज के बंद से यह साफ हो गया कि अब संयुक्त व्यापार संघ मेरठ के व्यापारियों की एक मात्र संस्था नहीं रह गयी है क्योंकि शासत्रीनगर व सेंट्रल मार्केट के अलावा गढ़ रोड, हापुड़ रोड व मेडिकल क्षेत्र के तमाम व्यापारी संगठनों ने बाजार बंद रखा। इसके अलावा मेरठ बार एसोसिएशन, आईएमए, नर्सिंगहोम एसोसिएशन सरीखे तमाम संगठनों ने मेरठ बंद का समर्थन किया, जबकि संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने मेरठ बंद का समर्थन नहीं किया। व्यापारी राजनीति के नाम पर आज जो कुछ देखने को मिला उसको आने वाले दिनों में व्यापार संघ चलाने वालों को चुनौती ही नहीं बल्कि खतरे की घंटी माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भारी बारिश के बीच एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह और एसपी सिटी गोपाल भोसले प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उनसे बात की। एडीएम सिटी उन्हें समझाते रहे। जबकि प्रदर्शनकारी उनसे राहत के नाम पर दो शब्द चाहते थे। अधिकारियों का कहना था कि उनका काम कानून व्यवस्था को देखना है। इस संबंध में सही अपडेट आवास विकास के अफसर ही दे सकते हैं। वहीं दूसरी ओर जिस वक्त प्रदर्शन चल रहा था कुछ व्यापारी अति उत्साह में आवास विकास के कार्यालय में दाखिल हो गए। उसके बाद वहां अफरा-तफरी फैल गयी। हालांकि पुलिस पहले से मुस्तैद थी। यहां कर्मचारी बंधक अवस्था में नजर आए।
अतुल प्रधान व मुखिया गुर्जर पहुंचे
बंद समर्थकों ने बारिश की परवाह कतई नहीं की। मौसम के बिगड़े मिजाज के बावजूद बंद समर्थक व्यापारी सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ये प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने योगी तेरे राज में, कटोरा आ गया हाथ में के नारे लगाते हुए विरोध जताया। नर्सिंगहोम संचालक रवींद्र गुर्जर के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए विधायक अतुल प्रधान, पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, कर्मवीर सिंह गूमी के अलावा कई दूसरे विपक्षी दलों के नेता भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। । माधवपुरम से बंद के समर्थन में पहुंचे व्यापारियों ने 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने की शपथ ली। व्यापारियों ने कहा कि वे आगामी चुनाव में भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। शास्त्रीनगर की गुरुद्वारा रोड पर भारी संख्या में लोग जुटे। ये लोग ट्रैक्टर, कारों व दो पहिया वाहनों से पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या ग्रामीणों व किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं की रही। सीसीएसयू के कई छात्र नेता भी समर्थन देने के लिए प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे।
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