मेरठ। पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला फूंकने जा रहे सपा छात्र सभा के कार्यकर्ता और पुलिस में जमकर धक्का मुक्की हुई। संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाजपा और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध भी किया। हंगामे से पहले सपा छात्रसभा के कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर कमिश्नरी पार्क का चक्कर काटते रहे, ऐसा लगा मानों उन्हें पुलिस के आने का इंतजार था, बजाए इसके कि अर्थी दहन करते। ये कार्यकर्ता प्रदीप कसाना के नेतृत्व में जमा हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान सपा छात्र सभा के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर धक्का-मुक्की और छीनाझपटी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बल प्रयाेग करते हुए किसी प्रकार कार्यकर्ताओं से केंद्रीय शिक्षा मंत्री की अर्गी का पुतला छिन लिया और तेजी से वहां से निकल गए। छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
ज्ञापन सौंपा
हंगामे के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इसमें उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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