मेरठ। नगर निगम के कर्मचारी नेताओं ने आज ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ थाना देहलीगेट पर तहरीर दी है। हिन्द मजदूर सभा के जिला मंत्री विनेश विद्यार्थी ने आरोप लगाया कि आगरा निवासी विजय कुमार अग्रवाल के स्वामित्व वाली $फर्म- अग्रवाल एण्ड कम्पनी विगत $करीब चार वर्षों से मेरठ नगर निगम की औद्योगिक प्रतिष्ठान की परिभाषा में आने वाली स$फाई-व्यवस्था में जालसाज़ीपूर्ण बिना लाईसेन्स $गैर$कानूनी ठेकेदारी चलाकर विविध प्रकार से अनुसूचित जाति बाल्मीकि दो हज़ार से भी अधिक सफाई कर्मचारियों का उत्पीडन-शोषण कर रहे हैं।
नियमानसार पूरी देय मज़दूरी नहीं दी जा रही है और तो और अवकाश-दिवसों में भी बेगार कराकर मनमाने ढंग से उत्पीडन किया जा रहा है। कभी भी नियम-$कानूनों का मनमाना उल्लंघन करते हुए बिना कोई विधिक प्रक्रिया अपनाये किसी भी स$फाई कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया जाता है और बिना प्रक्रिया का पालन किये भर्ती की जाती है ताकि दलाली निज़ाम फलता- फूलता रहे।ज्ञातव्य है कि कान्ट्रैक्ट लेबर ( रेगुलेशन एण्ड एबोलिशन) एक्ट, १९७० के प्रावधान मेरठ नगर निगम की स$फाई-व्यवस्था पर भी लागू होते हैं जिनके अनुसार धारा: १२ के अन्तर्गत एक निश्चित संख्या में स$फाई कर्मचारियों की आपूर्ति हेतु लेबर / श्रम विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला लाईसेन्स ठेकेदार के पास होना बाध्यकारी होता है जबकि यह लाईसेन्स पहले दिन से आज १५ जून को उत्तर प्रदेशीय स$फाई मज़दूर संघ,नगर निगम के अध्यक्ष शिवकुमार नाज एवं पूर्व पार्षद मुकेश पार्चा की ओर से कथित ठेकेदार विजय कुमार अग्रवाल एवं उनकी फर्म- अग्रवाल एण्ड कम्पनी, आगरा के पास नहीं होने के चलते तहरीर दी गई है।
ठेकेदार को संरक्षण का आरोप
तहरीर देने वाले कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया है कि नगर निगम,मेरठ के प्रबन्धकीय अधिकारियों- नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी आदि ने $गैर$कानूनी ठेकेदार विजय कुमार अग्रवाल एवं उसकी $फर्म- अग्रवाल एण्ड कम्पनीआगरा को संरक्षण देते हुए राष्ट्रीय स$फाई कर्मचारी आयोग ( भारत सरकार) के निर्देशात्मक पत्र १९ मार्च २०२५, सांसद अरूण गोविंद,मेयर हरिकान्त अहलूवालिया,श्रम विभाग आदि के आदेशों/ निर्देशों की मनमानी अवहेलना करते हुए अपनी प्रायोजित यूनियनों को बढ़ावा देते आ रहे हैं ताकि उत्पीडित- शोषित स$फाई कर्मचारियों के मौलिक एवं नागरिक और विधिक अधिकारों के लिये निरन्तर संघर्षरत प्रान्तीय स्तर की पंजीकृत यूनियन- उत्तर प्रदेशीय स$फाई मज़दूर संघ को कमज़ोर किया जा सके।
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